
इराक और सीरिया में लगातार बमबारी कर अमेरिका और रूस समेत कई मुल्कों ने काफी हद तक आईएसआईएस के पांव उखाड़ दिए हैं, लेकिन दुनिया के लिए नया सिरदर्द यह है कि अब ये आतंकवादी संगठन लीबिया, सूडान, चाड और ट्यूनिशिया जैसे अफ्रीकी मुल्कों में नए सिरे से अपनी जड़ें जमाने लगा है.
अफ्रीकी देश ISIS की नई पसंद
अमेरिकी मित्र देशों के हवाई हमलों से घबरा कर, जिस तरह से ISIS दूसरे मुल्कों में बिखरने लगा है, उससे एक नई परेशानी खड़ी हो गई है. सीरिया में तो ISIS के आकाओं ने अपने आतंकवादियों को मुल्क छोड़ कर दूसरे अफ्रीकी मुल्कों में जाकर नए सिरे से खौफ की सल्तनत कायम करने का फरमान तक सुना दिया है. ऐसे में लीबिया, सेनेगल, चाड, सूडान और ट्यूनिशिया जैसे मुल्क ISIS की नई पसंद बनने लगे हैं.
दूसरे मुल्क जा रहे आतंकी
एक अंदाज के मुताबिक इराक और सीरिया में अब ISIS के आतंकवादियों की तादाद महज 25 हजार रह गई है. जबकि अब से कुछ महीने पहले तक ये 31 हजार के आस-पास थी. ऐसे में बहुत से आतंकवादी जहां इन मुल्कों में ISIS के ठिकानों पर लगातार होते हवाई हमलों का शिकार हो गए, वहीं कुछ ने अपने ठिकाने बदल कर दूसरे मुल्कों का रुख कर लिया.
लीबिया में ISIS के 65 सौ आतंकी
जिस लीबिया में अब तक ISIS की मौजूदगी नहीं के बराबर थी, नई रिपोर्ट के मुताबिक अब वहां इसके आतंकवादियों की तादाद 65 सौ तक जा पहुंची है और ये लगातार बढ़ रही है. उत्तर पश्चिमी लीबिया के एक ठिकाने पर हुए अमेरिकी हवाई हमले की तस्वीरें इस बात की गवाह हैं कि किस तरह ISIS ने अब लीबिया में अपने पांव पसारने की शुरुआत कर दी है और किस तरह अमेरिका यहां भी इन आतंकवादियों का पीछा कर रहा है.
ISIS ने की ट्रेनिंग कैंप की शुरुआत
खास बात है कि इस जगह ISIS ने बाकायदा अपने एक ट्रेनिंग कैंप की शुरुआत कर दी थी, जिसकी कमान ट्यूनिशिया मूल के एक आतंकवादी ने थाम रखी था. अमेरिकी हमले में ISIS का कैंप तो नेस्तनाबूद हुआ ही, तकरीबन 36 से ज्यादा आतंकवादी भी मारे गए. हालांकि अब जानकारों का मानना है कि इस हमले के बाद खार खाए बैठा ISIS पश्चिमी मुल्कों के खिलाफ नए सिरे से हमलों की शुरुआत कर सकता है.
लीबिया में भी ज्वाइंट ऑपरेशन
इन्हीं खतरों को देखते हुए अमेरिका, ब्रिटेन, इटली और फ्रांस ने इराक और सीरिया की तरह लीबिया में भी अपना ज्वाइंट ऑपरेशन तेज करने के लिए प्लान बनाने की शुरुआत कर दी है. इस नए ऑपरेशन के तहत आतंकवादियों के नए ठिकानों को टार्गेट करने के साथ-साथ वैसे विरोधी गुटों की मदद करना भी शामिल है, जो पहले से इन जगहों पर ISIS के खिलाफ लड़ रहे हैं. इसी इराद से अकेले अमेरिका ने इस साल उत्तरी और पश्चिमी अफ्रीकी मुल्कों में ऐसे विरोधियों को ट्रेनिंग देने और असलहों की सप्लाई करने के लिए 200 मीलियन डॉलर का ईनाम रखा है.