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बनना चाहता था डॉक्टर, 12वीं में कम नंबर आए तो लगा ली फांसी

बिहार से एक परिवार दिल्ली अपने बच्चे की अच्छी पढ़ाई के लिए आया था. लेकिन यहां तो उसकी दुनिया ही उजड़ गई. 12वीं का रिजल्ट आने के कुछ देर के बाद ही इस परिवार का चिराग विद्या राज ने अपने ही बेल्ट से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

बेेटे की खुदकुशी से परिवार सदमे में बेेटे की खुदकुशी से परिवार सदमे में
अमित कुमार दुबे/हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2016,
  • अपडेटेड 8:16 AM IST

बिहार से एक परिवार दिल्ली अपने बच्चे की अच्छी पढ़ाई के लिए आया था. लेकिन यहां तो उसकी दुनिया ही उजड़ गई. 12वीं का रिजल्ट आने के कुछ देर के बाद ही इस परिवार का चिराग विद्या राज ने अपने ही बेल्ट से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

कम नंबर आने से था दुखी
विद्या पढ़ाई के बाद डॉक्टर बनना चाहता था. इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी थी. बारहवीं में उसके करीब 60 फीसदी नंबर भी आया था. लेकिन विद्या रिजल्ट के आने के बाद ही परेशान हो गया और दोपहर के वक्त जब घर में कोई नहीं था उसने कमरे में बेल्ट से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

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परिवार का एकलौता चिराग था विद्या
विद्या राज की उम्र महज 18 साल की थी. उसने अपने लिए कुछ सपने देखे थे, उसे लगा कि शायद नंबर कम आने से वो डॉक्टर नहीं बन सकेगा बस इसी गम में उसने खुदकुशी कर ली. वह नारायणा गांव के ही सरकारी स्कूल का छात्र था और अपने मां-बाप का इकलौता चिराग था.

घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में
इस घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है. उनका बस यही कहना है कि वो विद्या की हर जरूरत पूरी करते थे. खुदकुशी की जानकारी के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, घरवालों और आस-पास के लोगों का बयान दर्ज किया जा रहा है.

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