
केंद्र सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए जोर-शोर से जुटी है. इस कड़ी में गुरुवार को केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने सीनियर बीजेपी सांसदों की क्लास ली. सरकार अपने सांसदों के द्वारा डिजिलट लेन-देने को गांवों-गांवों तक पहुंचाने में लगी है.
सूचना एवं प्रसारण और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के मौजूदगी में बीजेपी के सीनियर नेता मंत्री पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और रविशंकर प्रसाद ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को लेकर हर पहलुओं के बारे में जानकारी दी. साथ ही प्रजेंटेंशन के दौरान बीजेपी सांसदों को बताया गया कि ग्रामीण इलाकों में डिजिटल लेन-देन को कैसे बढ़ावा दिया जाए.
प्रजेंटेशन के दौरान बीजेपी सांसदों से कहा गया कि कैश लेन-देन को कम करने और डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सभी सांसद अपने-अपने इलाके में काम करें. साथ ही सांसदों से कहा कि डिजिटल लेन-देन को आसान बनाने के लिए लोगों को वो तकनीकी जानकारी दें.
दरअसल यूपी के कुशीनगर में रैली को संबोधित करते हुए लोगों से पीएम मोदी ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को अपनाने की अपील की थी, साथ ही बीजेपी के लोगों और पढ़े-लिखे युवाओं को इस काम में मदद करने की अपील की थी. नायडू ने कहा कि सरकार उद्देश्ल कालेधन पर लगाम लगाना है और डिजिटल लेन-देन से इसपर अंकुश लगेगा.
इससे पहले बुधवार को वेंकैया नायडू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बैठक में कैशलेस अर्थव्यवस्था को सुगम बनाने और डिजिटल तथा ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्बारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा था कि अधिकारी प्रतिदिन के लेन-देन में धन की भूमिका को कम करने की दिशा में कदम बढ़ाएं और अपने कर्मचारियों को बताएं कि कैशलेस और डिजिटल लेनदेन किस तरह किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी सामाजिक दायित्व की भावना से संबंधित लोगों के साथ घर से भी यह काम कर सकते हैं. इसके लिए उनके पास यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस और मोबाइल वॉलेट जैसे मंच उपलब्ध हैं. साथ ही नायडू ने कहा कि सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है कि पैसे के लेनदेन में होने वाली देरी को कम किया जा सके तथा भ्रष्टाचार और काले धन को समाप्त किया जा सके.
ससरकार की मानें तो जनधन, आधार और मोबाइल यानी 'जैम' पहल भी इस बदलाव को आसान बनाएगी और इससे लोगों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा बढ़ेगा और गरीबों का अधिकतम सशक्तिकरण होगा. बुधवार को बैठक में सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौड, सचिव अजय मित्तल, शहरी विकास मंत्रालय में सचिव राजीव गौबा, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय में सचिव नन्दिता चटर्जी और इन मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.