नीतीश कुमार के लिए कोई मजबूरी नहीं थी कि वो सात नए मंत्री केवल बीजेपी के ही बनायें. हो सकता है कि सरकार बनते समय दोनों ही पार्टियों के बीच कुछ समझौता हुआ हो कि विधायक की संख्या के हिसाब मंत्री बनाए जाएंगे. पर अब तक यदि नीतीश कुमार बीजेपी विधायकों को मंत्री नहीं बना रहे थे अचानक कैसे तैयार हो गए? जाहिर है कि सवाल तो उठेंगे ही.
बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार काफी समय से टलता आ रहा था. एक साल से इससे पर अटकलें चलती आ रही थीं. अभी हाल ही में चर्चा हुई कि अब मंत्रिमंडल विस्तार खरमास के बाद होगा. अब खरमास बीते भी डेढ़ महीने हो गए हैं. अब बजट सत्र भी आ गया है. ये मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ा सत्र होगा. इसके बाद सरकार के लिए ऐसा सत्र कोई होगा नहीं, क्योंकि अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने की संभावना है.
बिहार में ये चुनावी साल है और उससे पहले नीतीश सरकार में कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है. सियासी गलियारों में चर्चाएं लाजिमी हैं. राज्य में एनडीए की सरकार है. अलायंस में बीजेपी, जेडीयू, HAM, LJP (R) शामिल हैं. जदयू प्रमुख नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं.
नीतीश कैबिनेट में अभी तक मंत्रियों की संख्या 30 थी. हालांकि, आज बीजेपी कोटे से मंत्री दिलीप जायसवाल ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यह संख्या 29 हो गई. अब 7 पद खाली हो गए हैं. इस समय बीजेपी से 14, जेडीयू से 13, HAM से 1 और एक निर्दलीय कोर्ट से मंत्री है.
बिहार की सियासत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री के चर्चे हैं. निशांत का सियासी डेब्यू तय बताया जा रहा है लेकिन निशांत अभी पत्ते खोलने से बच रहे हैं. क्यों?
बिहार में कल पीएम मोदी ने लालू यादव के शासन काल को जंगलराज करार दिया. चारा घोटाले का जिक्र किया था. आज जब लालू यादव परिवार को नौकरी के बदले जमीन घोटाला केस में पेशी का समन मिल गया. तो जंगलराज और घोटाले पर चुनावी घेराबंदी की राजनीति फिर शुरू हो गई. ऐसे में सवाल कि क्या इस बार फिर बिहार में चुनाव की पिच करप्शन और जंगलराज पर सेट होगी. क्या चुनावी सीजन में घोटालों की खुलती फाइलों की टेंशन आरजेडी के लिए महंगी साबित हो सकती है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर चर्चा तेज है. इस बीच कल पीएम मोदी के बिहार दौरे के बाद निशांत का एक बयान सामने आया है. निशांत कुमार ने पिता नीतीश कुमार को लेकर क्या कहा और NDA से क्या मांग कर दी? देखिए.
दो दिन के बिहार दौरे पर पहुंचे बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की है. जेपी नड्डा ने पीएमसीएच के शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की बदौलत आज बिहार बदलता दिख रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड शो के दौरान अपनी गाड़ी में सिर्फ नीतीश कुमार को ही साथ रख कर बीजेपी के स्थानीय नेताओं सहित एनडीए के घटक दलों को संकेत दे दिया कि आगामी चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. बीजेपी ने अचानक बड़ा भाई बनने की तैयारी ड्रॉप क्यों कर दी?
बिहार में विधानसभा चुनाव की गरमी अभी से पसीने छुड़ाने लगी है. आज पीएम मोदी भागलपुर में हैं. और उनकी मौजूदगी से बिहार का चुनावी तापमान सातवें आसमान पर है. पीएम मोदी ने भागलपुर रैली में RJD और विपक्ष को आड़े हाथ लिया. जिसपर लालू और तेजस्वी ने पलटवार किया. देखिए.
हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद बीजेपी का पूरा फोकस अब बिहार पर है. पीएम मोदी लोकसभा चुनाव के बाद 4 बार बिहार के दौरे पर जा चुके हैं, जिसके अपने सियासी संदेश हैं. आज भागलपुर में पीएम मोदी ने रैली के दौरान नीतीश को लाडला CM बताया. तो नीतीश भी पीएम मोदी की तारीफ करते नजर आए. ऐसे में सवाल कि क्या BJP ने बिहार के लिए चुनावी फॉर्मूला तैयार कर लिया है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के भागलपुर में भव्य रैली आयोजित कर आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अपनी पार्टी का चुनाव अभियान प्रारंभ किया. मंच पर उनकी उपस्थिति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हुई, जहां दोनों की शानदार केमिस्ट्री देखी गई. पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को 'लाडला सीएम' कहते हुए संबोधित किया. देखें...
बिहार चुनाव में 2020 में महागठबंधन 12 सीटों के अंतर से सत्ता में आने से चूक गया था तो कांग्रेस पार्टी की चौतरफा आलोचना हुई थी. कांग्रेस के साथ तब सीट शेयरिंग में ही खेल हो गया था. इस बार पार्टी इसे लेकर अलर्ट है और बिहार के लिए 'प्लान-45' बनाया है.
PM मोदी बिहार के भागलपुर में पहुंचे हैं जहां उनका रोड शो हो रहा है. वे कृषि सम्मान निधि योजना के तहत 22,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजने की घोषणा करेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री और अन्य एनडीए नेता भी मौजूद हैं. यह दौरा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. देेखें...
JDU साल 2003 में अस्तित्व में आई और समाजवादी विचारधारा और चोला पहनकर पिछले 22 सालों से नीतीश कुमार की छत्रछाया में ही फलती-फूलती रही. कभी PK, कभी RCP, कभी ललन सिंह, तो कभी उपेंद्र कुशवाहा का उभार इस पार्टी में हुआ, लेकिन उत्तराधिकारी के नाम पर नीतीश ने कभी मुहर नहीं लगाई. अब निशांत की राजनीतिक डेब्यू की चर्चा सुर्खियां बटोर रही हैं.
बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा दिल्ली जैसा जोश भरने वाला तो होगा ही, नीतीश कुमार के लिए भी ‘कहीं नहीं जाएंगे…’ बताने का एक और मौका हो सकता है - लेकिन नीतीश के लिए मोदी के दौरे के मुकाबले अमित शाह का रुख ज्यादा मायने रखता है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा, "यह कभी आप सोच सकते थे कि बिहार में 40 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. यह कोई मामूली बात नहीं है, ऐसा लगता है नीतीश कुमार में दैविक शक्ति आ गई है. कुछ तो है. ऐसा एक उनके अंदर दैविक शक्ति आ चुकी है."
निशांत कुमार ने राजनीति में एंट्री करने को लेकर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं और इस सवाल पर चुप्पी साध जाते हैं. मगर जनता दल यूनाइटेड से लेकर बीजेपी तक कई नेताओं ने नीतीश कुमार के बेटे की राजनीति में एंट्री की वकालत की है. पिछले कुछ दिनों से बिहार की राजनीति में निशांत के राजनीति में आने को लेकर चर्चाएं भी खूब हो रही हैं और ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह होली के बाद राजनीति में आ सकते हैं.
प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक दिन पहले ही बिहार पहुंचे. उन्होंने दरभंगा में मखाना किसानों से मुलाकात की और हाल ही में घोषित 'मखाना बोर्ड' के गठन को लेकर चर्चा की.
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में आने का ऑफर दिया है. उन्होंने कहा कि वह यंग हैं, उन्हें राजनीति में आना चाहिए.
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं. पीएम मोदी भागलपुर में किसान सम्मान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वहीं, तेजस्वी यादव ने पीएम के इस दौरे पर सवाल खड़े किए हैं. नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा जारी है, और बीजेपी उनके काम की सराहना कर रही है, जबकि आरजेडी उन पर निशाना साध रही है. देखें...