Advertisement

बजट

अतिथि कब आओगे? राह देखते-देखते अब 'बजट' आखिरी सहारा

aajtak.in
  • 04 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 9:34 PM IST
  • 1/7

विदेशी सैलानी कब तक पर्यटन के लिहाज से भारत का रुख करेंगे, इसका अभी भी सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. कोरोना संकट ने पर्यटन और होटल उद्योग की कमर तोड़ दी है. अब बिना किसी सरकारी सहारे के इसे फिर से खड़ा करना संभव नहीं है. इसलिए अब सारी उम्मीदें बजट से है. क्योंकि अभी भी इस इंडस्ट्रीज के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. (Photo: File)

  • 2/7

रोजगार के लिहाज से पर्यटन और होटल उद्योग भारत में बड़ा क्षेत्र है, इस सेक्टर में करीब 5 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है. लेकिन कोरोना संकट की वजह से पिछला 10 महीना इस सेक्टर का सन्नाटे में बीता है. लगातार सरकार से मदद की गुहार लगाई जा रही है. एक इंटरव्यू में इसको लेकर वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा है कि इन सेक्टर में अभी भी दिक्कतें हैं, और बजट में हर मुमकिन कदम उठाएंगे. (Photo: File)
 

  • 3/7

वित्त सचिव के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि बजट में होटल और टूरिज्म जैसे सेक्टर को राहत मिल सकती है. होटलों के बिजनेस के लिहाज से गर्मी की छुट्टियों का सबसे बड़ा सीजन होता है. घरेलू पर्यटन का 65 फीसद बिजनेस मई और जून के महीने में आता है. लेकिन इस दफा यह पूरा सीजन ही कोविड की भेंट चढ़ गया. गर्मी की छुट्टियों के अलावा दुर्गा पूजा और क्रिसमस पर पर्यटन होता है, लेकिन इस साल इन त्योहारों पर भी कारोबार नहीं हुआ. (Photo: File)

Advertisement
  • 4/7

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल के मुताबिक 2019 (जनवरी से दिसंबर) में देश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र की हिस्सेदारी 6.8 प्रतिशत (194 अरब डॉलर) रही. यह क्षेत्र देश में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 5 करोड़ रोजगार मुहैया करता है. एक अनुमान के मुताबिक, कुल पर्यटन में होटल इंडस्ट्री की भागीदार 50 फीसद के करीब है. (Photo: File)

  • 5/7

पर्यटन के लिहाज से दुनिया में भारत 10वें नंबर पर है. आंकड़ों के मुताबिक हर साल भारत से 2.5 करोड़ से ज्यादा लोग विदेश घूमने जाते हैं. वहीं साल 2019 में 1.89 करोड़ विदेशी घूमने के लिए भारत आए थे. अब इस सेक्टर को सरकारी मदद से फिर मार्च से कारोबार में तेजी का अनुमान लगाया जा रहा है. फिलहाल टूरिज्म और होटल इंडस्ट्रीज को सारी उम्मीदें देसी सैलानियों से ही हैं. (Photo: File)

  • 6/7

दरअसल, पर्यटन के लिए पैसा, समय, अवसर, मन और माहौल सबका होना जरूरी है. अब वैक्सीन की बातें होने लगी हैं. साथ ही कोरोना संक्रमण के मामले भी धीरे-धीरे कम हो रहे हैं. लेकिन बड़े पैमाने पर लोग तभी घर से निकलेंगे जब कोरोना का खतरा पूरी तरह से टल जाएगा, विदेशी पर्यटन के लिहाज से अक्टूबर से मार्च पीक सीजन होता है. लेकिन इस साल विदेशी सैलानी आएंगे भी तो किस देश से? (Photo: File)

Advertisement
  • 7/7

होटल और टूरिज्म उद्योग का अपना रोना है. इन उद्योगों का कहना है कि टूरिस्ट आएं या नहीं आएं, होटल के बुनियादी खर्चे तो रोके नहीं जा सकते. मसलन, स्टाफ की सैलरी, बिजली का बिल, होटल का मेनटेनेंस वगैरह. होटल्स के कुल खर्चों में 50 से 60 फीसद तो फिक्स्ड हैं, इन्हें नहीं टाल सकते. ऐसे में यह सेक्टर अब बजट की राह देख रहा है. (Photo: File)

Advertisement
Advertisement