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'Dada' के नाम से जाने जाते हैं डिप्टी CM अजित पवार, यहां तक की है पढ़ाई

aajtak.in
  • 23 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:33 PM IST
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राजनीति ऐसा खेल है, जिसमें कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. 23 नवंबर की सुबह महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई दंग रह गया. देवेंद्र फडणवीस एक बार फिर मुख्यमंत्री बने. वहीं NCP प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार डिप्टी सीएम बने हैं. हालांकि इस बात की जानकारी किसी को नहीं थी क्योंकि माना जा रहा था कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आइए जानते हैं कौन हैं महाराष्ट्र के नए डिप्टी सीएम अजित पवार. 

फोटो- ANI

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क्या कहा शरद पवार ने

रातोरात महाराष्ट्र की सरकार बदलने पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने बयान जारी करते हुए कहा "डिप्टी सीएम बनने का फैसला अजित पवार का पर्सनल फैसला है. ये फैसला NCP (नेशनल कांग्रेस पार्टी) का नहीं है. चूंकि अजित पवार एनसीपी विधायक दल के नेता हैं. ऐसे में विधायक दलों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र भी उन्हीं के पास था. बता दें कि आधिकारिक तौर पर विधायक दल के नेता का समर्थन पत्र ही मान्य होता है".


फोटो: Mandar Deodhar

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कौन हैं अजित पवार

महाराष्ट्र में रातोरात उलटफेर करने वाला मुख्य किरदार अजित पवार को माना जा रहा है. अजित पवार एनसीपी चीफ शरद पवार के भतीजे हैं और राजनीति में चाचा के ही पदचिन्हों पर चले हैं. उनका पूरा नाम अजित अनंतराव पवार हैं. बता दें, उनके करीबी लोग उन्हें 'दादा' (बड़े भाई) कहकर बुलाते हैं.

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जन्म

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवर में उनके दादा-दादी के यहां हुआ था. अजित एनसीपी चीफ शरद पावर के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं.

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परिवार

अजित की शादी सुनेत्रा पवार से हुई है. उनके दो बेटे हैं जय और पार्थ.

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इतने पढ़े-लिखे हैं अजित पवार

अजित ने अपनी प्राइमरी एजुकेशन देओली प्रवर से ली थी. अजित पवार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देओली प्रवर से की और उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड से की है. पवार ने केवल 12वीं तक ही पढ़ाई की है.

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राजनीतिक करियर

अजित पवार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1982 में की थी. उस समय उनकी उम्र 20 साल की थी.  रिपोर्ट्स के अनुसार, 1991 में वह पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने थे. वह 16 साल तक इस पद पर रहे. अजित भी 1991 में बारामती निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. लेकिन उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के लिए सीट खाली कर दी, जो उस समय पी वी नरसिम्हा राव की सरकार में भारत के रक्षा मंत्री के पद पर थे.

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1991 में वह महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए और नवंबर 1992 से फरवरी 1993 तक कृषि और बिजली राज्य मंत्री थे. उन्हें 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुना गया था.

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उनके अब तक के महत्वपूर्ण पदों में कृषि, बागवानी (हॉर्टिकल्चर) और बिजली मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय (कृष्णा घाटी और कोकण सिंचाई, तीन बार).

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डिप्टी सीएम बनने के बाद क्या कहा अजीत पवार ने

डिप्टी सीएम बनने के बाद अजित पवार ने कहा ‌कि ये फैसला महाराष्ट्र के लोगों के लिए किया था. उनकी समस्या के लिए साथ आए हैं. "हम किसानों की समस्या को खत्म करना चाहते हैं. उनकी भलाई के लिए ही सरकार में आए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों ने जिसे सरकार बनाने के लिए चुना था. उन्हीं को सरकार बनानी भी चाहिए. इसका मतलब साफ है कि बीजेपी को महाराष्ट्र के लोगों ने सरकार के लिए चुना था और उसी की सरकार बननी चाहिए."


(अजित पवार की सभी तस्वीरें इंस्टाग्राम ajitpawarspeaks से ली गई है)

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