दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां घूमने के लिए आपको वीजा की जरूरत नहीं होती. लेकिन वहीं अपने ही देश में ही कुछ ऐसी जगह हैं जहां घूमने के लिए आपको वीजा जैसे कागजात की जरूरत होती है. यहां आपको उस राज्य से परमिट लेना होता है. आइए जानें कौन हैं वो राज्य.
राज्य सरकार की ओर से दिया जाने वाला ये आतंरिक वीजा सरकारी भाषा में Inner Line Permit (ILP) कहा जाता है. बताते हैं कि अंग्रेजों ने अपने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ये बनाया था. जो आज भी कुछ हिस्सों में लागू है.
‘इनर लाइन परमिट’ भारत सरकार की ओर से जारी किया जाता है. ये परमिट 15 दिन का हो सकता है. इसे आपको ऑनलाइन लेना होता है. ये संरक्षित क्षेत्र में भारतीय नागरिक को यात्रा की अनुमति देता है. भारत में भारतीय नागरिकों के लिए बने इनर लाइन परमिट के नियम को ब्रिटिश सरकार ने बनाया था.
ये पर्यटन सिर्फ घूमने के लिए ही नहीं बल्कि नौकरी या व्यवसाय के लिए लेना हेाता है. ये खासकर सीमावर्ती राज्यों एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्र में लागू होता है. ये वो राज्य या इलाके हैं जो बेहद संवेदनशील हैं. हाल ही में संसद में नागालैंड के दीमापुर में इस परमिट को लागू करने का मुद्दा उठा था.
यहां लागू होता है ये नियम
इनर लाइन परमिट देश के उत्तरपूर्व में बसे तीन राज्यों मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश एवं नागालैंड में लागू होता है. सिर्फ यही नहीं कई सीमावर्ती राज्यों के शहरों में भी इसे लागू किया जाता है. इसमें लेह-लद्दाख का नाम भी आता है.
कभी कश्मीर में भी था ऐसा नियम
कभी कश्मीर में जाने के लिए ऐसे ही परमिट की जरूरत पड़ती थी जो कि तमाम विवादों के बाद खत्म कर दिया गया.
भारत सरकार इसे सुरक्षा की दृष्टि से तय करती है. जो राज्य अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़ते हैं, वहां ये नियम लागू होता है.