अगर आप प्रकृति के बारे में जानने में रुचि रखते हैं तो आज हम आपको ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां से गर्म पानी निकलता है. जी हां इन गर्म पानी में किसी भी तरह की मिलावट नहीं होती है. ये पूरी तरह से नेचुरल होता है. भारत में ऐसी कई जगह मौजूद हैं जहां गर्म पानी निकलता है. आइए जानते हैं
हॉट स्प्रिंग होता क्या है और इसके पीछे क्या है साइंस.
पनामिक नुब्रा वैली : पनामिक सियाचिन ग्लेशियर पर स्थित एक छोटा सा गांव है. जो लेह से 150 मीटर की दूरी पर स्थित है. यहां की ऊंचाई समुद्र तल से 10,442 फीट है. यह स्थान गर्म पानी के कुंड के लिए भी प्रसिद्ध है. साथ ही अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है.
क्या होता है हॉट स्प्रिंग: सबसे पहले बता दें, धरती पर कई जगह भौगोलिक गतिविधियों के कारण गर्म पानी के कुंड और झरने पाए जाते है. जिन्हें हॉट स्प्रिंग कहा जाता है. यहां का पानी हमेशा गर्म रहता है. कहा जाता है यहां का पानी चमत्कारी होता है, जिसमें स्नान करने से चर्म रोग दूर होते हैं.
खीर गंगा, हिमाचल प्रदेश: यहां पहुंचने के लिए, आपको केवल आपको एक लंबी ट्रेकिंग करनी होगी. ये जगह अखरा बाजार, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश 175101 में स्थित है. खीरगंगा में जो गर्म पानी का कुंड है, वहां 12 महीने पानी गर्म रहता है.
मणिकरण साहिब: मणिकरण हिमाचल प्रदेश में कुल्लू से 45 किलोमीटर दूर है. यह जगह खासतौर पर गर्म पानी के स्रोत के लिए जानी जाती है. इस पानी का तापमान बहुत अधिक है. यह स्थान हिंदू व सिखों के लिए आस्था का केंद्र है. यहां एक प्रसिद्ध मंदिर है और सिखों के प्रसिद्ध गुरुद्वारों में से एक यहां स्थित है. यहां के गर्म पानी के कुंड के जल में गुरुद्वारे के लिए चावल आदि पकाए जाते है.
तत्तापानी हॉट वॉटर स्प्रिंग: ये हिमाचल प्रदेश में स्थित है. ये गर्म पानी कुंड के लिए ये जगह काफी प्रसिद्ध है. सालों से स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां के पानी में चमत्कारी गुण है. जो दर्द, थकान और तनाव से राहत प्रदान करता है.
गौरीकुंड: गौरीकुंड में वासुकी गंगा केदारनाथ से वासुकी ताल होते हुए मंदाकिनी में मिलती है. गौरीकुंड समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊंचाई पर है. बता दें, गौरीकुंड में ये गर्म पानी सोता हाल ही में भूकंप के बाद नष्ट हो गया था लेकिन गांव के माध्यम से एक छोटी सी धारा अभी भी बहती है. भारत में कई गर्म पानी के कुंड के लिए उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में यमुनोत्री मंदिर के पास एक और आकर्षण केंद्र है.
युमथांग स्प्रिंग: ये सिक्किम के सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है. उत्तर-पूर्वी राज्य में बना ये कुंड 15500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां पानी तापमान लगभग 50 डिग्री रहता है.
ऋषि कुंड: ऋषि सिक्किम में स्थित है यह पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय नहीं है लेकिन यह स्थानीय लोगों यहां के गर्म पानी इस्तेमाल करते हैं. यहां गर्म पानी स्प्रिंग के पास Kah-do Sang Phu नामक एक गुफा है. जिसे पवित्र गुफा माना जाता है
क्यों यहां का पानी हमेशा रहता है गर्म: मैग्मा चट्टानों का पिघला हुआ रूप है. जिसकी रचना ठोस, आधी पिघली अथवा पूरी तरह पिघली चट्टानों के द्वारा होती है और जो पृथ्वी के सतह के नीचे निर्मित होता है. यह मैग्मा ( 8001300 डिग्री सेल्सियस) पृथ्वी की विभिन्न परतों से घिरा हुआ है. यदि पृथ्वी की परतों में ये गलती से फट जाता है तो जबरदस्त मात्रा मैग्मा से आसपास के चट्टानों में स्थानांतरित हो जाता है. जिसके बाद वहां मौजूद पानी में उस थर्मल ऊर्जा को चट्टानों से स्थानांतरित कर दिया जाएगा तो पानी का तापमान बढ़ेगा. जिसके परिणामस्वरूप गर्म पानी बनता है. ये पानी हमेशा गर्म रहता है. (फोटो: इंडिया टुडे)