शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नये बदलावों की दूसरी कड़ी में सरकार ने सरकारी नौकरी के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की पूरी रूपरेखा बदल दी है. अभी तक अलग अलग एजेंसियां बैंक, रेलवे, एसएससी या अन्य सरकारी नौकरियों के लिए टेस्ट लेती थीं. लेकिन अब सरकार ने इसके लिए एक प्लेटफॉर्म की घोषणा कर दी है. बता दें कि अब कैबिनेट ने नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (NRA) की स्थापना को मंजूरी दे दी है. ये एजेंसी केंद्र सरकार में नॉन-गैजेटेड पोस्ट पर नियुक्ति के लिए कॉमन एलिजीबिलिटी टेस्ट लेगी. जानिए कैसे करेगी काम.
केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए अलग-अलग परीक्षाओं में बैठने वाले युवाओं को सिर्फ एक ही टेस्ट देना होगा. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बैठक में कहा कि यह ऐतिहासिक सुधार है. इसके जरिये भर्ती, चयन, नौकरी तीनों में आसानी होगी.
कैबिनेट बैठक में चंद्रमौली ने कहा कि समय के साथ भविष्य में सभी प्रकार की भर्ती के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट कराया जाएगा. बता दें कि बजट भाषणा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 में सरकारी नौकरियों के लिए एनआरए की बात कही थी.
ये एजेंसी बहुत जल्द ही केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए एक भर्ती परीक्षा कराने के बाद उनके रिजल्ट के आधार पर कैंडीडेट का चयन करेगी. ये पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन परीक्षा होगी. हर जिले में इसके लिए एक सेंटर बनाया जाएगा. कहा जा रहा है कि सीईटी की मेरिट लिस्ट तीन साल के लिए मान्य रहेगी.