बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने दस साल पूरे कर लिए हैं. बैंड बाजा बारात से अपने करियर की शुरुआत करने वाले रणवीर सिंह ने इस इंडस्ट्री में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है.
रणवीर ने बतौर एक्टर ऐसे किरदार निभाए हैं कि वे ना सिर्फ दर्शकों के फेवरेट बन गए बल्कि खुद उनकी एक्टिंग भी निखरकर सामने आने लगी. बाजरीव से लेकर गली बॉय के मुराद तक, उन्होंने हर किरदार में जान फूंक दी.
लेकिन जिस कलाकार का नाम आज सभी की जुभान पर चढ़ा रहता है, एक समय ऐसा भी था जब उसे दर-दर की ठोकर खानी पड़ती थी. जब उसे अपना पोर्टफोलियो सभी को दिखाना पड़ता था.
एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में रणवीर सिंह ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है. उनके मुताबिक तीन साल तक वे सिर्फ और सिर्फ काम की तलाश में घूमते रहे थे. उन्हें कोई बड़ा ब्रेक नहीं मिल रहा था.
इस बारे में वे कहते हैं- साढ़े तीन साल तक मैं अंधेरे में ही था. कोशिश कर रहा था कि कहीं ब्रेक मिल जाए. पोर्टफोलियो लेकर कई ऑफिस के चक्कर काटे थे. मेरे लिए उस वक्त ये सोचना ही बड़ी बात थी कि मैं एक बड़ा एक्टर बन जाऊंगा, लीड रोल प्ले करूंगा. लेकिन माता-पिता के आशीर्वाद से मैं आगे बढ़ता रहा.
रणवीर के मुताबिक उन्होंने बैंड बाजा बारात के जरिए अपना डेब्यू जरूर किया था, लेकिन वे उस फिल्म के लिए पहली पसंद नहीं थे. दो साल पहले एक इंटरव्यू में रणवीर ने बताया था कि इस फिल्म के लिए रणबीर कपूर को लेने की तैयारी थी.
एक्टर ने कहा था- रणबीर ने बैंड बाजा बारात के लिए मना कर दिया था. यशराज को एक नए चेहरे की तलाश थी. मुझे फोन आया और मैंने इस मौके जाने नहीं दिया. मैंने कोई मॉडलिंग या म्यूजिक वीडियो नहीं किया था. अपने चेहरे को हमेशा छिपाकर रखा. लेकिन फिर मुझे ये बड़ा ब्रेक मिल गया.
वर्क फ्रंट पर रणवीर सिंह अब फिल्म 83 में नजर आने वाले हैं. फिल्म में रणवीर, कपिल देव का रोल निभाने जा रहे हैं. कोरोना की वजह से फिल्म को कई बार पोस्टपोन किया जा चुका है.
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