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'आज तक' इंपैक्ट: मजदूर के बेटे की मदद को आगे आए लोग, IIT में मिला एडमिशन

आज नितिन आईआईटी मुंबई में पढ़ रहा है और उसकी पढ़ाई की सारी व्यवस्था समाज के कई लोगों ने की है.

नितिन नितिन
शरत कुमार
  • धौलपुर,
  • 15 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 8:03 AM IST

जब 13 जून को आईआईटी का रिजल्ट निकला वो अपने पिता के साथ मनरेगा में मजदूरी करने गया था. उसको कोटा से टीचर ने खबर दी कि उसका आईआईटी में सलेक्शन हो गया. जब 'आज तक' ने इस खबर को दिखाया कि ये गरीब लड़का कैसे आईआईटी में पढ़ेगा तो खबर देखकर कई लोगों ने 'आज तक' से उसकी मदद के लिए संपर्क किया.

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खबर चलने के बाद मदद को आगे आए लोग
आज नितिन आईआईटी मुंबई में पढ़ रहा है और उसकी पढ़ाई की सारी व्यवस्था समाज के कई लोगों ने की है. राजस्थान के धौलपुर जिले के पिपहेरा गांव के मनरेगा श्रमिक के बेटे नितिन के आईआईटी में हुए चयन की खबर के बाद मिली मदद पर नितिन और उसके परिवार ने 'आज तक' को धन्यवाद दिया. इस खबर के जरिए ही नितिन को काउंसलिंग, कॉलेज और हॉस्टल के लिए पैसे की मदद मिली. नितिन के परिवारजनों ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान , मुंबई में काउंसिलिंग के दौरान 'आज तक' ने जो सहयोग किया उससे किताबों और होस्टल की व्यवस्था कराई हैं. नितिन ने कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने लोग हमारी मदद के लिए आगे आएगे.

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नितिन और उसके परिवार के लोगों ने खबर देखकर मदद करने वाले विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया, मुंबई की डॉ. विशाखा सुब्रमण्यम और कोचर को सहायता और सहयोग राशि देने के लिए धन्यवाद दिया.

गौरतलब है कि राजस्थान के धौलपुर जिले के गांव पिपहेरा के मनरेगा श्रमिक के बेटे नितिन कुमार ने सारी बाधाओं को चीरते हुए पहले ही प्रयास में आईआईटी में 499 वीं रैंक हासिल कर गांव सहित धौलपुर जिले नाम रोशन किया था. नितिन के साहस, मेहनत और परिवार की यथास्थिति को 'आज तक' चैनल ने प्रमुखता से प्रसारण कर देश-विदेशों में रह रहे दर्शकों को रूबरू कराया था.

परिजनों ने किया 'आज तक' का धन्यवाद
खबर दिखाने के बाद अन्य कई भामाशाह प्रेरित होकर मनरेगा श्रमिक के परिवार की आर्थिक सहायता को आगे आए. चयनित छात्र नितिन के परिजनों ने कहा कि जो गरीब परिवार की मदद आज तक चैनल द्वारा की गई है, उससे हमारा परिवार चैनल का कृतज्ञ और ऋणी है. साथ ही चैनल को साधुवाद देकर चैनल की सफल कामयाबी की कामना भी की हैं. साथ ही बड़े पिता बनवारी ने कहा कि हमें करीब दो लाख रुपये से ज्यादा की सहायता राशि इन लोगों से मिली है, जिसे हमने नितिन की पढ़ाई के लिए उसके बैंक खाते में जमा करा दिया है. साथ हीं छुट्टियों में अपने घर आया नीतिन ने कहा कि समाज ने जिस तरह से उसकी पढ़ाई में मदद की है वो भी आईआईटी से निकलने के बाद समाज के गरीबों और जरुरतमंदों की मदद करेगा.

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