
आम चुनावों में नरेंद्र मोदी की लहर में समूचा विपक्ष उड़ गया. मोदी देश के प्रधानमंत्री बने. इस घटना के एक साल बाद मोदी लहर के निर्माण की प्रक्रिया के अहम सदस्य रहे प्रशांत किशोर अब नीतीश कुमार के लिए लहर पैदा करने में जुटे हैं. दिलचस्प यह है कि दो धुर राजनीतिक विरोधियों के चुनावी कैंपेन को एक ही शख्स डिजाइन करेगा.
अमेरिका की पॉलिटिकल एक्शन कमिटी की तर्ज पर बनाए गए संगठन सिटिजंस फॉर एकाउंटेबल गवर्नेंस के कर्ताधर्ताओं में शामिल रहे 37 साल के किशोर अब बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की हवा बनाने में जुटने वाले हैं. बिहार के सियासी दंगल में किशोर की एंट्री नई तरह की कैंपेनिंग की शुरुआत भी कर सकती है, जिसमें डेटा एनालिटिक्स, ब्रैंडिंग और कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी का जोर होगा.
नीतीश के करीबी लोगों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के साथ पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट के रूप में काम कर चुके किशोर को विधानसभा चुनाव में नीतीश के लिए कैंपेनिंग में जोड़ा जा रहा है. किशोर ने मोदी के लिए काम करने की खातिर 2011 में यूएन में अपनी जॉब छोड़ दी थी.
नीतीश के अहम सलाहकार पवन वर्मा ने भी बताया कि कैंपेनिंग में किशोर जुड़ सकते हैं. पूर्व राजनयिक वर्मा ने कहा, 'उनसे हमारी बातचीत हो रही है. हमें विश्वास है कि वह हमारे साथ आएंगे. प्रफेशनल तरीके से चुनाव अभियान चलाने में काडर को वोटरों से जोड़ने का प्रशांत किशोर का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है.'
संपर्क करने पर किशोर ने इस संबंध में कमेंट करने से इनकार कर दिया. किशोर कभी मोदी के इतने करीब थे कि उन्होंने गुजरात के सीएम के सरकारी आवास में रहकर काम किया था. मोदी के लिए काम करते वक्त 'चाय पर चर्चा' और 3डी होलोग्राम कैंपेन में किशोर ने बड़ा योगदान किया था.