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रूस बनाएगा कोरोना वैक्सीन की 20 करोड़ डोज, भारत ने भी दिखाई दिलचस्पी

गीता मोहन
  • 12 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST
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दुनिया भर में जारी कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल बीच रूस ने वैक्सीन बनाने का ऐलान कर दिया है. रूस ने सोमवार को कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन Sputnik V लॉन्च कर दी है. रूस का दावा है कि ये वैक्सीन लेने में 20 देशों ने दिलचस्पी दिखाई है जिसमें भारत भी शामिल है. Sputnik V कोरोना वायरस के लिए दुनिया की पहली रजिस्टर्ड वैक्सीन बन गई है.

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रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) के सहयोग से बड़े पैमाने पर इस वैक्सीन का उत्पादन किया जाएगा. दुनिया की पहली रजिस्टर्ड इस वैक्सीन की एक वेबसाइट भी लॉन्च की गई है जिसमें इससे जुड़ी सभी जानकारियां दी गई हैं. इस वेबसाइट के अनुसार, भारत, यूएई, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील और मैक्सिको सहित कम से कम 20 देशों ने  Sputnik V वैक्सीन लेने में दिलचस्पी जाहिर की है.

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वेबसाइट के अनुसार, रूस की योजना इस साल के अंत तक वैक्सीन की 20 करोड़ तक की डोज तैयार करने की है. वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन सितंबर में शुरू होने की उम्मीद है. इसके साथ ही रूस अपनी वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल भारत, सऊदी अरब, यूएई, ब्राजील और फिलीपींस सहित कई देशों में करना चाहता है.

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RDIF के प्रमुख किरिल दिमित्रीव ने कहा, 'रूस की इस वैक्सीन के लिए कई देशों ने रूचि दिखाई है. हमें 20 देशों से एक अरब से भी ज्यादा वैक्सीन के डोज बनाने के आवेदन मिले हैं.'

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इसके अलावा रूस की योजना भारत, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, सऊदी अरब, तुर्की और क्यूबा के साथ स्थानीय स्तर पर पार्टनरशिप कर इन देशों में बड़े पैमाने पर वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने की भी है.

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आपको बता दें कि मंगलवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोरोना वायरस से लड़ने वाली दुनिया की पहली वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन कराने की घोषणा की थी. पुतिन ने बताया था कि उनकी एक बेटी ने खुद भी  COVID-19 की ये वैक्सीन लगवाई है और वो पूरी तरह से ठीक है.

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पुतिन का कहना है कि COVID-19 की पहली रूसी वैक्सीन कोशिकाओं को मजबूत बनाने के अलावा एंटीबॉडी और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी कारगर साबित हुई है.

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हालांकि रूस के वैक्सीन बनाने के दावे के बाद ही ये सवालों के घेरे में आ गई है. अमेरिका ने इसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेह जताया है. अमेरिका के प्रमुख संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फाउची ने कहा कि उन्हें शक है कि ये वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है.

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