देश में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को 2016-17 में कुल कितना चंदा मिला, इसकी रिपोर्ट जारी कर दी गई है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने यह रिपोर्ट जारी की है.
रिपोर्ट में बताया गया कि क्षेत्रीय दलों को 20,000 और उससे ज्यादा की रकम के रूप में कुल 91.37 करोड़ रुपये 6,339 चंदों के जरिये मिले मिले. (PHOTO: GETTY)
हालांकि शिवसेना के चंदे में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई. (PHOTO: GETTY)
इस लिस्ट में शिवसेना ने टॉपकिया है. शिवसेना को 297 चंदे से 25.65 करोड़ रुपये मिले. (PHOTO: GETTY)
क्षेत्रीय दलों को 2015-16 और 2016-17 में मिले चंदे के बीच तुलना करने पर टॉप 5 पार्टियों में शिवसेना इकलौती पार्टी जिसके डोनेशन में गिरावट देखी गई. चंदे में लगभग 60 करोड़ यानी 70 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. (PHOTO: GETTY)
इसके बाद आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा 3,865 चंदे में 24.73 करोड़ रुपये मिले. (PHOTO: GETTY)
आम आदमी पार्टी ने 8.82 करोड़ का दान विदेशों से घोषित किया है, जिसका पैन विवरण उपलब्ध नहीं है. (PHOTO: GETTY)
शिरोमणि अकाली दल तीसरे स्थान पर थी, उसे 15.45 करोड़ रुपये का चंदा मिला. (PHOTO: GETTY)
अकाली दल के चंदे में 5842 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. (PHOTO: GETTY)
इस रिपोर्ट के अनुसार इन तीन दलों शिवसेना, आप और शिरोमणि अकाली दल को कुल चंदे का 72.05 प्रतिशत हिस्सा या 65.83 करोड़़ रुपये मिले. (PHOTO: GETTY)
वहीं चंदे में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी असम गण परिषद (अगप) की हुई है. (PHOTO: GETTY)
अगप को कैश में 41.2 लाख रुपये का चंदा मिला है. अगप को कुल 43.7 लाख का चंदा मिला है. (PHOTO: GETTY)
अगप के चंदे में 2015-16 के मुकाबले 2016-17 में 7183 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. (PHOTO: GETTY)
जनता दल (सेक्युलर) को इस दौरान 4.2 करोड़ का चंदा मिला है. (PHOTO: GETTY)
शिवसेना के मुकाबले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के चंदे में काफी बढ़ोतरी हुई है. 1.4 करोड़ का चंदा एमएनएस को मिला है. (PHOTO: GETTY)
कैश के रूप में ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) को सबसे ज्यादा 65 लाख रुपये, अगप को 41.2 लाख रुपये और नगा पीपुल्स फ्रंट को 41 लाख रुपये का चंदा मिला. (PHOTO: GETTY)
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 25 क्षेत्रीय दलों में से 18 दलों ने बिना पैन विवरण के चंदे का उल्लेख किया है.. इसमें आरजेडी, बीपीएफ, एमजीपी, पीएमके और जेडएनपी ने अपने रिपोर्ट में एक भी दान दाता का पैन विवरण घोषित नहीं किया है. लगभग 25 प्रतिशत चंदा बिना पैन के दर्ज किया गया है. आपको बता दें कि 100 प्रतिशत टैक्स छूट के लिए राजनैतिक दलों को यह जानकारी देनी होती है. (PHOTO: GETTY)