अफगानिस्तान से निकासी उड़ान के दौरान एक महिला ने केबिन क्रू में बच्ची को जन्म दिया. विमान में सवार अफगान महिला को प्रसव पीड़ा हुई. 33 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचे विमान में कोई डॉक्टर भी नहीं था. जहाज के चालक दल की सदस्यों ने महिला की डिलीवरी कराने में मदद की. मां और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
अफगानिस्तान से ब्रिटेन जा रहे निकासी विमान में शुक्रवार रात सोमन नूरी नाम की अफगान महिला सवार हुई थी. विमान के ऊंचाई पर पहुंचते ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. वह दर्द से कराह रही थी, किसी की समझ में नहीं आ रहा था क्या किया जाए. विमान में कोई चिकित्सक भी नहीं था, जो इस महिला की मदद कर सके. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
हालांकि विमान के चालक दल के सदस्यों ने बड़ी ही सूझबूझ के साथ काम किया और महिला की डिलीवरी कराने में मदद की. 33 हजार फीट की ऊंचाई पर महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
इस बच्ची ने तुर्की एयरलाइंस के केबिन क्रू में कुवैत के ऊपर हवाई क्षेत्र में जन्म लिया, जिसकी वजह से बच्ची का नाम ‘हव्वा’ रखा गया, हव्वा को ईव के नाम से भी जाना जाता है. मां 26 साल की नूरी और उसके पति ताज की हव्वा तीसरी संतान है. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
टर्किश एयरलाइंस ने कहा कि मां और बच्चा स्वस्थ हैं. हालांकि विमान एहतियात के तौर पर कुवैत में उतारा गया, जिसके बाद फिर से विमान ने गंतव्य के लिए उड़ान भरी. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
बच्ची के जन्म के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें नवजात हव्वा अपनी मां की गोद में सोते हुए दिखाई दे रही है. वहीं केबिन क्रू भी मां और बच्ची दोनों के पूरी तरह सुरक्षित होने पर बेहद खुश दिखाई दिए. उनके द्वारा बच्ची के साथ सेल्फी ली गई. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
बता दें कि पिछले सप्ताह शनिवार को अफगान की महिला अमेरिकी एयरफोर्स के निकासी विमान में सवार हुई थी. विमान जैसे ही ऊंचाई पर पहुंचा, तो वह प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)
विमान के कैप्टन ने जर्मनी में लैडिंग कराई. रामस्टीन बेस पर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई. इसके बाद मां और बच्ची दोनों को मेडिकल केयर सेंटर भेजा गया. (प्रतीकात्मक फोटो/Getty images)