लखीमपुर खीरी जिले में ईसानगर थाना क्षेत्र के मिदिनिया गांव में ग्रामीणों द्वारा मगरमच्छ के साथ बर्बरता करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. एक तालाब में मगरमच्छ के निकलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. गांव के तालाब में मगरमच्छ के निकलने की जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस को दी गई. समय पर वन विभाग और पुलिस के न पहुंचने से ग्रामीणों ने मगरमच्छ को करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों से बांधकर काबू कर लिया.
(इनपुट- अभिषेक वर्मा)
इसके अलावा वन विभाग और पुलिस टीम के मौके पर न पहुंचने से नाराज ग्रामीण मगरमच्छ को रस्सियों से बांधकर पहले तालाब में लटकाकर इधर- उधर से खींचते रहे. उसके बाद नाराज ग्रामीणों ने रस्सी से बंधे मगरमच्छ को गांव की सड़कों पर घसीटकर घुमाया. इतना ही नहीं मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों के सामने ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम द्वारा सही समय पर ना पहुंचने से नाराज होकर 50 हजार की मांग रख डाली.
घंटों बहस के बाद भी ग्रामीण नहीं माने फिर पुलिस ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने मगरमच्छ को नहीं छोड़ा तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद गांव के लोगों ने मुआवजे की मांग को छोड़ा.
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जान जोखिम में डालकर मगरमच्छ को पकड़ा है इसलिए उन्हें इसका खर्चा मिलना चाहिए. मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम के द्वारा ग्रामीणों का मान-मनौव्वल करने के बाद वे मगरमच्छ को वन विभाग की टीम को सौंपने को तैयार हो गए. मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को कब्जे में लेकर सुरक्षित घाघरा नदी में छोड़ दिया.
रिजर्व बफर एरिया के डेप्युटी डायरेक्टर अनिल पटेल ने बताया कि मिदानिया गांव से उन्हें फोन आया था कि गांव के तालाब में एक बड़े मगरमच्छ को देखा गया है. यह बच्चों और पालतू जानवरों की जान के लिए खतरा हो सकता है. इसके बाद वन विभाग ने एक टीम को मगरमच्छ का रेस्क्यू करने के लिए गांव में भेजा. अंधेरा हो जाने की वजह से टीम ने उस दिन काम नहीं शुरू किया और मगरमच्छ के रेस्क्यू की योजना बुधवार सुबह तक टाल दी थी.