भारत-नेपाल रिश्तों में इन दिनों तनाव बना हुआ है लेकिन फिर भी कोरोना वायरस जैसी महामारी से लड़ने के लिए भारत ने पड़ोसी देश की मदद की है. भारत ने नेपाल को दस वेंटिलेटर दिये हैं ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को वहां बचाया जा सके.
नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने दस वेंटिलेटर वहां के थल सेनाध्यक्ष जनरल पूर्ण चंद्र थापा को सौंपे. भारत की तरफ से नेपाल को ये मदद कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दी गई है.
बता दें कि चीन के उकसावे में आकर नेपाल लगातार भारत के साथ अपने रिश्तों में तल्खी ला रहा है. उत्तराखंड में कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्र को लेकर जारी नक्शा विवाद की वजह से दोनों देशों में तनाव बना हुआ है.
नेपाल ने बीते दिनों भारत की जमीन को अपने नक्शे में दिखाकर इसे संसद से पारित करवा दिया था. अब ओली सरकार विवादित नक्शे को अंग्रेजी में अनुवादित करने और संयुक्त राष्ट्र संगठन (UNO) और गूगल सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजने की तैयारी कर रही है.
वहीं बीते दिनों नेपाली प्रधानमंत्री ने भगवान राम को भी नेपाल का बता दिया था और दावा किया था कि असली अयोध्या नेपाल में है. इस पर विवाद होने के बाद भी ओली सरकार ने नेपाल में श्रीराम का भव्य मंदिर बनवाने का आदेश दे दिया है. उन्होंने बीते दिनों कहा था कि नेपाल के ठोरी के पास अयोध्यापुरी में भगवान राम का जन्मस्थान है.