भारतीय रेलवे ने पहली बार एक मालगाड़ी चलाई है जो सुपर एनाकोंडा की तरह है. 2 किमी लंबी और 174 वैगन वाली इस गाड़ी ने मंगलवार को इतिहास रच दिया.
यह मालगाड़ी साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के अंतर्गत ओडिशा में चली. मालगाड़ी के 174 वैगन में 15 हजार टन सामान लदा हुआ था. यह ट्रेन, 3 मालगाड़ियों को जोड़कर बनाई गई थी जिसकी लंबाई 2 किमी थी. यह मालगाड़ी ब्रजराजनगर से राउरकेला रेलवे स्टेशन के बीच चली.
साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के चीफ पीआरओ साकेत रंजन ने बताया कि यह एक ट्रायल था जिसका उद्देश्य मैनपॉवर को कम कर सामान के ट्रांसपोर्ट को कोस्ट इफेक्टिव बनाना था.
पीआरओ ने मालगाड़ी की खासियत बताते हुए कहा कि 2 किमी लंबी इस ट्रेन को चलाने के लिए सिर्फ एक क्रू सेट था, दो इंजिन में और एक गार्ड पीछे जबकि इस तरह तीन ट्रेन में 9 लोगों की जरूरत होती. इस गाड़ी में 174 वैगन थे जिन्हें कई इलेक्ट्रिकल डब्ल्यूएजी खींच रहे थे जिनमें प्रत्येक की कैपेसिटी 9 हजार हॉर्सपॉवर थी.
इस तरह के प्रयोग के कई फायदे हैं. इसमें 2 क्रू की बचत हुई. इस तरह 9 की जगह 3 लोगों से काम चल गया. पहले तीन मालगाड़ी चलती तो उससे रास्ते भी बिजी होते जो कि अब कम होंगे. समय की बचत हुई और अब सामान तेजी से पहुंचाया जा सकता है. इन सबसे ऑवरआल राजस्व में भी बचत होगी.