भारत समेत दुनिया भर के शहरों में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है. पिछले कुछ सालों में गाड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या ने इसका और बुरा हाल कर दिया है. ट्रैफिक के मामले में भारत के कई शहर दुनिया के बड़े शहरों को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं. 2020 में दुनिया के टॉप-10 शहरों में भारत के तीन शहर शामिल रहे. (सभी तस्वीरें- सांकेतिक)
दरअसल, टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स के मुताबिक, 2020 में मॉस्को दुनिया का सबसे भीड़भाड़ वाला शहर रहा, इसके बाद दूसरे स्थान पर भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई रही. टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स ने 57 देशों में 416 शहरों में यह अध्ययन किया है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 और 2018 में चौथी रैंकिंग के बाद, मुंबई अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. इसके अलावा शीर्ष दस में दो अन्य भारतीय शहर बेंगलुरु और नई दिल्ली 2020 में क्रमशः छठे और आठवें स्थान पर रहे. इतना ही नहीं इस लिस्ट में पुणे 16वें स्थान पर है.
बुधवार को जारी ग्लोबल ट्रैफिक इंडेक्स के 10वें संस्करण में बताया गया कि मुंबई में इस बार ट्रैफिक भीड़ का स्तर 53% था, जो 2019 की तुलना में 12% कम है. बेंगलुरु में यातायात की भीड़ में 20% की कमी देखी गई, जबकि नई दिल्ली ने 9% की कमी देखी. पुणे में 2019 की तुलना में पिछले साल 17% की कमी दर्ज की गई. यह कभी कोरोना महामारी के कारण देखी गई है.
ट्रैफिक इंडेक्स के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि लॉकडाउन की वजह से मुंबई की सड़कों पर ट्रैफिक जून से बढ़ना शुरू हुआ और लगातार बढ़ता रहा. दिल्ली में अप्रैल में भीड़ का स्तर 6% तक पहुंच गया और मई में ज्यादा तेजी देखी गई. टॉमटॉम इंडेक्स के महाप्रबंधक वर्नर वान होइस्टीन ने कहा कि सड़क यातायात में वृद्धि आर्थिक गतिविधियों का एक स्पष्ट संकेत है.
बता दें कि 2019 में, बेंगलुरु दुनिया भर के सभी शहरों में सूची में सबसे ऊपर था, जबकि मुंबई, पुणे और दिल्ली क्रमशः चौथे, पांचवें और आठवें स्थान पर थे.