रेलवे के खाने में कीड़े निकलने की शिकायत तो मिलती रहती है लेकिन अब तो हद हो गई. ट्रेन में सफर करने वाले एक पैसेंजर ने ट्विटर पर खाने की शिकायत करते हुए ट्वीट किया कि आईआरसीटीसी ने उसे जो बिरयानी परोस कर दी, उसमें मकड़ी निकली. बता दें कि पहले भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं जब टोमैटो सॉस की बोतल में कीड़े और दाल में इल्ली मिली हो. (Photo: Twitter)
ट्विटर पर हुई शिकायत के मुताबिक, शेषाद्री एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक पैसेंजर मितेश सुराना ने आईआरसीटीसी के पेंट्री फूड से खाना खरीदा. मितेश ने जब बिरयानी को खोलकर देखा तो उसमें एक बड़ी मकड़ी पड़ी हुई थी. (Photo: Demo)
मितेश ने इसकी शिकायत ट्रेन में ही करनी चाही लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हुई. मितेश ने कहा कि आश्चर्य की यही खाने के पैकेट पता नहीं किस-किस के पास गए होंगे. (Photo: Twitter)
जब ट्रेन के अंदर कोई सुनवाई नहीं हुई तो मितेश ने 21 फरवरी को ट्विटर पर बिरयानी को फोटो, जिसमें मकड़ी दिख रही है, उसे अपलोड कर दिया. साथ ही इसे आईआरसीटीसी, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, पीयूष गोयल और इंडियन रेलवे को कर दिया. (Photo: Twitter)
इस ट्ववीट के कुछ ही मिनटों बाद इंडियन रेलवे सेवा ने इस पर संज्ञान लेते हुए मितेश से जरूरी जानकारी मांगी है. (Photo: Twitter)
बता दें कि इससे पहले भारतीय रेलवे की डेक्कन क्वीन ट्रेन में जुलाई 2019 में ट्रेन के खाने में कीड़े मिलने की खबर आई थी. पुणे के रहने वाले सागर काले मुंबई से पुणे के बीच डेक्कन क्वीन ट्रेन में सफर कर रहे थे. इसी बीच सागर काले ने ट्रेन की डाइनिंग कार में एक ऑमलेट का ऑर्डर दिया. ऑमलेट मिलने पर सागर काले ने उसे खाना शुरू किया तो ऑमलेट के साथ मिले पेपर के पैकेट और टोमैटो सॉस की बोतल में कीड़े दिखाई दिए. (Photo: Demo)
इस पर सागर काले ने इसकी शिकायत आईआरसीटीसी स्टाफ से की तो स्टाफ ने खाना बदलने की बात कही. हालांकि इससे शिकायतकर्ता की नाराजगी दूर नहीं हुई और उन्होंने अपने मोबाइल फोन से घटना की वीडियो शूट कर ली और अगस्त में भारतीय रेलवे से इसकी औपचारिक शिकायत कर दी. इस मामले में कार्रवाई करते हुए IRCTC ने कैटरिंग एजेंसी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. (Photo: Demo)
वहीं, सितंबर 2019 में नई दिल्ली से हबीबगंज पहुंची शताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच में यात्री को दिए गए खाने में शामिल दाल में इल्ली और कीड़े निकल आए. यात्री ने इसकी शिकायत कंप्लेंट बुक में कर दी. शताब्दी के सी-3 कोच की 20 नंबर सीट पर ग्वालियर से भोपाल आने के लिए अतुल कलगांवकर सवार हुए. उन्होंने टिकट के साथ वेज खाने का ऑप्शन दिया था. जब उन्होंने खाना खोला तो उन्हें दाल में इल्ली व कुछ कीड़े तक नजर आए. (Photo: Demo)
इस ट्रेन में खाने की सप्लाई का आर्डर आईआरसीटीसी के कांट्रेक्टर के पास है जबकि खाना रेलवे के कर्मचारियों के माध्यम से ट्रेन में लोड किया जाता है. (Photo: Demo)