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Volvo ने 100 फीट की ऊंचाई से फेंकीं अपनी 10 ब्रैंड न्यू कारें, ये है वजह

aajtak.in
  • 18 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 6:17 PM IST
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दुनिया की मशहूर कार निर्माता कंपनी वोल्वो अपनी लग्जरी कारों को 100 फीट की ऊंचाई से गहरी खाई में फेंक रही है. हालांकि कंपनी की इस अजीबोगरीब प्रक्रिया की वजह उनका एक प्रयोग है जो ग्राहकों की सुरक्षा के लिए किया गया है. 

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इस क्रैश टेस्ट के आधार पर रेस्क्यू वर्कर्स रणनीति बना सकेंगे कि खतरनाक हादसों की स्थिति से कैसे डील करना है. आमतौर पर रेस्क्यू वर्कर्स की ट्रेनिंग के लिए दो दशक पुरानी गाड़ियां दी जाती हैं हालांकि इस बार वोल्वो ने ब्रैंड न्यू कार से क्रैश टेस्टिंग करने का फैसला किया है. 
 

 

 

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वोल्वो ने एक ट्वीट शेयर किया जिसमें इन कारों के क्रैश होने की वीडियो को शेयर किया गया था. इस कैप्शन में लिखा था कि हम अपनी इमरजेंसी सर्विस के लिए नई तकनीक लॉन्च करना चाहते हैं जो बेहद खतरनाक हालातों में हुए एक्सीडेंट्स में घायल हुए लोगों को निकालते हैं. लेकिन हमारे रेग्युलर क्रैश टेस्ट काफी नहीं थे. तो इसलिए हमने अपने स्तर को थोड़ा और बढ़ाया है. 

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कंपनी का कहना है कि, सड़क पर होने वाले हादसे के समय कैसे पीड़ितों को तत्काल गाड़ी से बाहर निकाला जा सके और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, इस बारे में रणनीति बनाई जाएगी. इसके अलावा एक बेहद गंभीर और खतरनाक हादसे की स्थिति से कैसे निपटा जाए, इस पर भी काम होगा. क्रैश टेस्ट के आधार पर जो रिपोर्ट बनेगी उसे रेस्क्यू वर्कर्स को उपलब्ध कराया जाएगा. 

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बता दें कि वोल्वो अब तक क्रैश टेस्ट के लिए 10 ब्रैंड न्यू कारों को इस प्रयोग में इस्तेमाल कर चुकी है. इस प्रक्रिया के दौरान वोल्वो कारों के इंजीनियर कार गिराने से पहले ये तय करते हैं कि गाड़ी को कितने प्रेशर और दबाव के साथ गिराया जाए ताकि उसके डैमेज के स्तर के बारे में सही तरह से जानकारी जुटाई जा सके. 

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