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धर्म

Vastu tips: पैसों की नहीं होगी तंगी, घर की उत्तर दिशा में रखें ये चीज

aajtak.in
  • 19 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:01 PM IST
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नवग्रह मंडल और वास्तु पुरुष में उत्तर दिशा को सबसे प्रमुख माना गया है. धार्मिक नजरिए से देखें तो इसकी एक दो खास वजह हैं. दरअसल भारत के उत्तर में हिमालय है, जहां भगवान शिव का निवास है. शिव शंकर के साथ उनके सखा कुबेर महाराज भी यहीं विराजमान हैं. कुबेर धन-संपत्ति के देवता हैं. कुबेर महाराज प्रसन्न हो जाएं तो निर्धन भी धनी बन सकता है.

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ज्योतिर्विद आचार्य कमल नंदलाल का कहना है कि इंसान के अमीर या गरीब होने के पीछे मां लक्ष्मी नहीं बल्कि कुबेर महाराज का हाथ होता है. मां लक्ष्मी चंचल चपला है, जो आएंगी और चली जाएंगी. लेकिन लंकापति रावण के बड़े भाई कुबेर धन के अधिपति हैं. वास्तु के हिसाब से उत्तर दिशा को धन कुबेर की दिशा माना गया है.

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उत्तर दिशा में यदि कुछ गड़बड़ है तो कुबेर महाराज कभी आपकी दहलीज पर दस्तक नहीं देंगे. कुबेर वहीं विराजमान होते हैं जहां हरियाली होती है. उत्तर दिशा कुबेर के अलावा बुध ग्रह, ब्रह्म देव और शिव की भी दिशा है. इसलिए हमेशा शिवलिंग का मुख उत्तर की दिशा की ओर होता है.

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घर की उत्तर दिशा में हमेशा एक पारद शिवलिंग का होना जरूरी है. एकमात्र ये चीज घर में रखने से आप धनपति हो सकते हैं. कुबेर की सबसे पसंदीदा वस्तु पारद यानी पारा है. इसे बुध की धातु भी कहा गया है. यह कभी एक अवस्था में नहीं रहता है. इसके घटने और बढ़ने का कनेक्शन तिजोरी में रखे आपके धन से भी होता है.

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यदि धन के इस उतार-चढ़ाव को आप नियंत्रित करना चाहते हैं तो अपने घर की उत्तर दिशा में एक पारद शिवलिंग अवश्य रखें. उस दिशा में हरा रंग करवाना बिल्कुल ना भूलें.

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एक बात का ध्यान रखें कि उत्तर दिशा में रखा पारद शिवलिंग सवा इंच से ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए. दूसरा, शिवलिंग का मुख भी हमेशा उत्तर दिशा की तरफ ही होना चाहिए.

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इसके साथ इस दिशा में पांच चीजों को बंदोबस्त भी जरूर कर दें. अग्नि तत्व दीपक से, वायु तत्व धूप से, जल तत्व तिलक से, पृथ्वी तत्व प्रसाद से और आकाश तत्व फूल से अमंगलम करें. ऐसा करने से भगवान शिव जिन्हें खुद वास्तु नाथ कहा जाता है तो आपको धनवान बनाने के लिए तत्पर होंगे.

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घर की उत्तर दिशा में आपको कुछ खास परिवर्तन भी करने होंगे. घर की उत्तर दिशा को हमेशा बंद ना रखें. इस दिशा में टॉयलेट या वॉशरूम भी ना बनाएं. फर्नीचर आदि जैसा भारी-भरकर फर्नीचर इस दिशा में ना रखें. इस जगह को हमेशा खुला, खुशबूदार और साफ-सुथरा ही रखें.

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