एक खबर और देश के उद्योगपति गौतम अडानी की तमाम कंपनियों के शेयरों में सोमवार को लोअर सर्किट लगने लगा. इससे अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेश करने वालों के बीच हंगामा मच गया. खबर आई कि नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने तीन विदेशी फंड्स अकाउंट्स फ्रीज कर दिए हैं, और इनके पास अडानी ग्रुप की 4 कंपनियों के 43,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर हैं. (Photo: Getty Images)
इस रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप का कुल मार्केट कैप 10 फीसदी से ज्यादा यानी 1.03 लाख करोड़ रुपये गिर गया. सोमवार को बाजार बंद होने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप गिरकर 8.9 लाख करोड़ रुपये हो गया. जबकि इससे पहले शुक्रवार को कंपनियों का मार्केट कैप 9.5 लाख करोड़ रुपये था.
दरसअल, सोमवार को बाजार खुलते ही अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों में गिरावट हावी हो गई. गौतम अडानी की तमाम कंपनियों में लोअर सर्किट लगने की वजह से ग्रुप का मार्केट कैप एक झटके में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरकर 8.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि, उसके बाद धीरे-धीरे शेयर में गिरावट कम हुई और बाजार बंद होने तक अडानी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप फिर थोड़ा बढ़कर 8.9 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. (Photo: Getty Images)
निवेशक अडानी ग्रुप के बयान का इंतजार कर रहे थे, और दोपहर बाद अडानी ग्रुप ने दोनों एक्सचेंज को बताया कि अकाउंट फ्रीज किए जाने की खबर सरासर गलत है. ग्रुप ने कहा कि जानबूझकर निवेशकों को हतोत्साहित करने लिए किसी के द्वारा इस खबर को प्लांट किया. ग्रुप ने कहा कि 14 जून तक किसी भी विदेशी निवेशक के डीमैट अकाउंट को फ्रीज नहीं किया गया है. (Photo: Getty Images)
यही नहीं, अडानी ग्रुप ने बताया कि जिन तीन विदेशी निवेशकों पर कार्रवाई की बात की जा रही है, उनमें से किसी पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इस खबर ने निवेशकों के नुकसान के साथ ग्रुप की भी प्रतिष्ठा पर भी आंच पहुंचाई है. अडानी ग्रुप ने कहा कि हम माइनॉरिटी शेयर धारकों के हित में यह खुलासा कर रहे हैं कि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. (Photo: Getty Images)
गौरतलब है कि खबरों के मुताबिक, अलबुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और APMS इन्वेस्टमेंट फंड पर कार्रवाई की गई है. एनएसडीएल के मुताबिक, अडानी की कंपनियों में इन तीनों का कुल निवेश 43,500 करोड़ रुपये रहा है. ये अकाउंट इसलिए फ्रीज हुए क्योंकि इनके बारे में सेबी के पास जानकारी नहीं है. साथ ही इन पैसों का मालिक कौन है, यह भी पता नहीं है, इसलिए मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत इन पर कार्रवाई की गई है. (Photo: Getty Images)
कुल निवेश 43,500 करोड़ रुपये
इन निवेशकों की अडानी इंटरप्राइजेज में हिस्सेदारी 6.82% है, इसका मूल्य 12,008 करोड़ रुपये है. अडानी ट्रांसमिशन में 8.03% निवेश है और इसका मूल्य 14,112 करोड़ रुपये है. अडानी टोटल गैस में 5.92% निवेश है, इसका मूल्य 10,578 करोड़ रुपये है. जबकि अडानी ग्रीन एनर्जी में 3.58% का निवेश है, इसका मूल्य 6,861 करोड़ रुपये है. (Photo: Getty Images)