देश में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले महाराष्ट्र में सामने आ रहे हैं. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है. इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी सुविधाओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. (Photo: File)
दरअसल, देश भर से जितने कोरोना के मामले आ रहे हैं, उसमें से आधे मामले केवल महाराष्ट्र से हैं. देश भर में 5 अप्रैल सोमवार को कोरोना वायरस का आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया. जिसमें से केवल महाराष्ट्र में 47 हजार मामले सामने आए, इससे पहले 4 अप्रैल यानी रविवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 57,074 नए मामले महाराष्ट्र में सामने आए थे. जो किसी एक दिन में राज्य में सर्वाधिक संख्या है. (Photo: File)
अब महाराष्ट्र में लॉकडाउन के आर्थिक नुकसान का आकलन लगाया जा रहा है. केयर रेटिंग्स के मुताबिक केवल महाराष्ट्र में लॉकडाउन से देश को 40 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होगा. रेटिंग एजेंसी के मुताबिक इस एक महीने के लॉकडाउन से सबसे ज्यादा असर ट्रेड, होटल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर होगा. (Photo: File)
रेटिंग एजेंसी ने कहा, 'इन नए दिशा-निर्देशों को मद्देनजर रखते हुए हमारा अनुमान है कि एक महीने के लॉकडाउन से करीब 40,000 करोड़ रुपये का जीवीए प्रभावित होगा. अगर लॉकडाउन आगे बढ़ता है तो राज्य में उत्पादन और कम होगा'. (Photo: File)
एजेंसी के मुताबिक इस आर्थिक नुकसान से घरेलू अर्थव्यवस्था की सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि 0.32 फीसदी घट सकती है. GSGP अथवा ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट के नजरिए से महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा राज्य है. GVA ग्रॉस वैल्यू एडेड में महाराष्ट्र का योगदान करीब 15 फीसदी का है. (Photo: File)
केयर रेटिंग्स के मुताबिक ट्रेड, होटल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को करीब 15,772 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. जबकि फाइनेंसियल सर्विसेज, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सर्विसेज को 9,885 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. वहीं पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को 8,192 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. (Photo: File)
इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर से रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान को भी घटा दिया है. एक हफ्ते पहले एजेंसी ने 11 से 11.2 फीसदी कर रहने का अनुमान जताया था, जिसे अब घटाकर 10.7 से 10.9 फीसदी कर दिया. (Photo: File)