कोरोना की दूसरी लहर से तेजी से उबरती देश की अर्थव्यवस्था फेस्टिव सीजन में बड़े फायदों की सौगात लेकर आ रही है. इस बार के त्योहारी मौसम में डिलिवरी और पैकेजिंग जैसी अस्थाई नौकरियों की बरसात होगी. ई-कॉमर्स से लेकर रिटेल सेक्टर तक में इस तरह का रोजगार जमकर बांटा जाएगा. (Photo: File)
भारत में फेस्टिव सीजन को कारोबार के लिहाज से सबसे बेहतरीन समय माना जाता है. इस दौरान खपत आधारित भारतीय अर्थव्यवस्था को बिक्री से बड़ी मदद मिलती है. ग्राहक जमकर खरीदारी करते हैं, दुकानदार खूब बिक्री करते हैं और अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा बूस्ट मिलता है. (Photo: File)
लेकिन इन सब फायदों के साथ-साथ ये त्योहारी मौसम लोगों के लिए रोजगार की सौगात भी लेकर आता है. इन दिनों कंपनियां कई कामों के लिए टेंपरेरी यानी गिग वर्कर्स की हायरिंग करती हैं. इस बार तो इन कर्मचारियों की कुछ ज्यादा ही भर्तियां की जाने वाली हैं. (Photo: File)
कई हायरिंग रिसर्च फर्म की रिपोर्ट्स के मुताबिक त्यहारी सीजन में टेंपरेरी वर्कर्स के अच्छे दिन आने वाले हैं. इस बार फेस्टिव सीजन में कामगारों को पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी ज्यादा काम मिलेगा. इसकी वजह है कि ज्यादातर रिटेलर्स ऑन लाइन कारोबार पर फोकस कर रहे हैं. (Photo: File)
सबसे ज्यादा रोजगार ई-कॉमर्स, फूड टेक और रिटेल सेक्टर में मिलने का अनुमान है. त्योहारी मौसम में ऑर्डर बढ़ने से इन कंपनियों को सामानों की डिलिवरी, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस, पैकेजिंग और दूसरे कामों के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत होगी. (Photo: File)
दरअसल, त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने और डिस्काउंट की वजह से कंपनियों के पास ज्यादा ऑर्डर आते हैं. दिलचस्प बात है कि इस बार डिमांड के लिए रिटेलर्स महानगरों या दूसरे बड़े शहरों के भरोसे नहीं रहेंगे. इस बार डिमांड को बढ़ाने में बड़ा रोल छोटे शहरों का रहेगा. (Photo: File)
ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक कंपनियां तो ऑर्डर की बढ़ती मांग को देखते हुए लोगों की भर्ती शुरू भी कर चुकी हैं. कंपनियों का कहना है इस साल में नए टेंपरेरी कर्मचारियों की मांग अचानक बढ़ गई है. माना जा रहा है कि इस साल के त्योहारी सीजन में करीब 3 लाख लोगों की अतिरिक्त भर्ती कंपनियां कर सकती हैं. ये भर्ती कंज्यूमर ड्यूरेबल, लॉजिस्टिक्स, लाइफ स्टाइल और दूसरे सेगमेंट्स में होगी. (Photo: File)
ऐसे में तय है कि रोजगार में बढ़ोतरी केवल मेट्रोज तक सीमित नहीं रहेगी. इसका फायदा देश के ज्यादातर हिस्सों में मिलने का अनुमान है. हालांकि इन अनुमानों के सटीक साबित होने का काफी दारोमदार तीसरी लहर की टाइमिंग पर भी रहेगा. अगर तीसरी लहर आई और इसने भी कहर बरपा दिया तो फिर हालात कैसे होंगे इसका अनुमान लगाना मुश्किल होगा. (Photo: File)
(रिपोर्ट: आदित्य के राणा)