रिटेल किंग कहे जाने वाले किशोर बियानी ने अगस्त में फ्यूचर ग्रुप के रिटेल, होलसेल लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस बिजनेस को 24,713 करोड़ रुपये में मुकेश अंबानी के हाथों बेच दिया. रिटेल सेगमेंट में बिग बाजार का बड़ा नाम है, जिसपर अब मुकेश अंबानी का अधिकार हो गया है. अब खुद किशोर बियाानी ने बताया कि किस वजह से उन्हें अपना कारोबार को बेचना पड़ गया.
दरअसल, साल 2019 से पहले किशोर बियानी का कारोबार तेजी से फैल रहा था. किशोर बियानी का फ्यूचर ग्रुप वित्तीय संकट में इस साल की शुरुआत में आया. अब किशोर बियानी का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से घरेलू रिटेल स्टोर बंद थे, जिस वजह से शुरुआत के तीन-चार महीनों में करीब 7,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ, और फिर अपना कारोबार रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचनाा पड़ना.
उन्होंने कहा कि स्टोर बंद होने की वजह से सबसे बड़ी समस्या किराया नहीं है, बल्कि लोन का ब्याज था. बता दें, इस साल के शुरुआत में किशोर बियानी जब फ्यूचर रिटेल के कर्ज का भुगतान करने में असफल रहे तो बैंकों ने कंपनी के गिरवी रखे शेयरों को जब्त कर लिया था.
फिगनीटेल रिटेल कन्वेंशन में किशोर बियानी ने कहा कि कोरोना संकट के शुरुआती 3-4 महीनों में हमने लगभग 7,000 करोड़ का राजस्व खो दिया. इसके लिए लोन पर आने वाले ब्याज को उन्होंने सबसे अधिक जिम्मेदार बताया.
उन्होंने कहा कि पिछले 6-7 वर्षों में बहुत अधिक अधिग्रहण किए, लेकिन कोरोना संकट के दौरान मुझे लगा कि अब इस कारोबार से बाहर निकलने के अलावा और कोई कोई रास्ता नहीं है. उन्होंने कहा कि खुदरा विक्रेताओं के लिए अभी तक की यह सबसे खराब स्थिति है.
दरअसल, साड़ियों के कारोबार से बिग बाजार के सफर तक पहुंचने वाले मारवाड़ी परिवार में जन्मे किशोर बियानी ने 1987 में पैंटालून की शुरुआत की थी. पैसे की कमी की वजह से उन्होंने इस कारोबार को साल 2012 में आदित्य बिड़ला ग्रुप को बेच दिया. पैंटालून और बिग बाजार की शुरुआत बियानी ने कोलकाता से की थी.
किशोर बियानी ने अपने बिजनेस की शुरुआत 1987 में की थी, उनकी पहली कंपनी मेंज वियर थी. बाद में इसका नाम उन्होंने पैंटालून कर दिया गया. फिर 1991 में इसका नाम पैंटालून फैशन लिमिटेड कर दिया गया. 2001 में किशोर बियानी ने पूरे देश में बिग बाजार के स्टोर खोले थे.