आईटी सर्विसेज कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स (Happiest Minds Technologies) के 702 करोड़ रुपये के आईपीओ को जबरदस्त सफलता मिली है. कंपनी के आईपीओ को 151 गुना बोलियां मिली हैं. यानी 702 करोड़ जुटाने के लक्ष्य के साथ उतरी कंपनी में लोग करीब 1.06 लाख करोड़ रुपये लेकर निवेश को तैयार बैठे हैं.
कंपनी ने 2.3 करोड़ इक्विटी शेयर बचने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन कुल आवेदन 351 करोड़ शेयरों का हो चुका है. कोरोना संकट के बीच कंपनी की यह सफलता काफी मायने रखती है. हैपिएस्ट माइंड्स बेंगलुरू की IT कंपनी है, जिसकी स्थापना 2011 में की गई.
कंपनी का फोकस डिजिटल IT सुविधा देने पर है. कंपनी US, यूके, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट में कारोबार करती है. असल में कंपनी का 50 फीसदी से ज्यादा रेवेन्यू एडटेक और अन्य हाईटेक सेक्टर से आता है, इसलिए उसकी आमदनी पर खास असर नहीं पड़ा है.
कंपनी का जोर डिजिटल सेवाओं पर है जो उसे दूसरी आईटी कंपनियों से अलग बनाती है. यही वजह है कि हैपिएस्ट माइंड्स पिछले तीन साल में 21 फीसदी की सालाना दर से बढ़ी है जबकि आईटी इंडस्ट्री की ग्रोथ 8 से 10 फीसदी रह गई है.
आईटी फर्म हैपिएस्ट माइंड्स का आईपीओ सोमवार यानी 7 सितंबर को खुला था और खुलते ही रिटेल निवेशकों के जोरदार रिस्पॉन्स से सुपरहिट हो गया. कुछ घंटे में ही इश्यू करीब 99 फीसदी तक भर गया. आईपीओ में रिटेल निवेशकों को 7 सितंबर से 9 सितंबर तक सब्सक्राइब करने का मौका मिला.
इससे पहले एंकर्स निवेशकों से भी इस आईपीओ को बंपर रिस्पॉन्स मिला था. आईटी सर्विस फर्म Happiest Minds ने एंकर्स इंवेस्टर्स के जरिये 316 करोड़ रुपये की रकम जुटाई है. एंकर्स निवेशक में सिंगापुर सरकार, गोल्डमैन सैक्स, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, नोमुरा फंड्स आयरलैंड, जुपिटर इंडिया और पैसिफिक होराइजन इन्वेस्टमेंट शामिल हैं.
हैपिएस्ट माइंड्स शेयर के लिए प्राइस बैंड 165-166 रुपये रखा गया था. निवेशकों को कम से कम 90 शेयर के लॉट के लिए अप्लाई करना था. यानी निवेशक को कम से कम 14,850 रुपये का निवेश करना जरूरी था.
Happiest Minds के प्रमोटर अशोक सूता मिडकैप आईटी फर्म Mindtree के फाउंडर रह चुके हैं. अशोक सूता 15 साल तक विप्रो के साथ भी जुड़े थे. कंपनी का 97 फीसदी रेवेन्यू डिजिटल विंग से आता है. यह इन्फोसिस, कॉग्निजेंट, माइंडट्री से कहीं ज्यादा है. इन कंपनियों का ऐवरेज कंट्रीब्यूशन 40-50 फीसदी के करीब है.