देश की जानी-मानी ज्वेलरी कंपनी कल्याण ज्वेलर्स आईपीओ के जरिये 1175 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. IPO के जरिये जुटाई रकम को कंपनी अपने कारोबार को विस्तार देने में लगाएगी. कल्याण ज्वेलर्स का आईपीओ 16 मार्च को ओपन होगा और 18 मार्च को बंद होने वाला है. (Photo: File)
कल्याण ज्वेलर्स के IPO का प्राइस बैंड 86-87 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. कल्याण ज्वैलर्स ने आईपीओ के लिए लॉट साइज (Lot Size) 172 शेयरों का रखा है. बीएसई और एनएसई में लिस्टिंग के लिए कंपनी ने पिछले साल अगस्त में पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास दस्तावेज जमा कराये थे. कंपनी ने पहले इश्यू के जरिए 1750 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी की थी. लेकिन अब 1175 करोड़ रुपये के इश्यू लाने की तैयारी में है. (Photo: File)
कंपनी IPO के तहत 800 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू जारी करेगी, और 375 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) में बेचेगी. ऑफर फॉर सेल में कंपनी के प्रमोटर टीएस कल्याणरमन 125 करोड़ रुपये और हाईडेल इनवेस्टमेंट 250 करोड़ रुपये का शेयर बेचेगा. (Photo: File)
आईपीओ का 50 फीसदी हिस्सा पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित होगा, 35 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए और 15 फीसदी हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित होगा. जबकि कल्याण ज्लेवर्ल के कर्मचारियों के लिए दो करोड़ शेयर आरक्षित होंगे. एक्सिस कैपिटल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट इंडिया, आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज और एसबीआई कैपिटल मार्केट इस ऑफर के लिए ग्लोबल को-ऑर्डिनेटर्स और बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं.
कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाई रकम का उपयोग वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और जनरल कॉर्पोरेट के मकसद पर उपयोग करेगी. मौजूदा समय में कल्याण ज्वेलर्स में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 76 फीसदी है, जबकि 24 फीसदी हिस्सेदारी वारबर्ग पिनकस (Warburg Pincus) के पास है. कल्याण ज्वेलर्स में वारबर्ग ने साल 2014 में 1,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था, उसके बाद फिर साल 2017 में 500 करोड़ रुपये का निवेश किया. (Photo: File)
पिछले वित्त-वर्ष में शानदार मुनाफा
वित्त-वर्ष 2019-20 में कल्याण ज्वेलर्स को 142.2 करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध मुनाफा हुआ था. कंपनी भारत से 78.19 फीसदी और मिडिल-ईस्ट से 21.81 फीसदी रेवेन्यू जेनरेट करती है. (Photo: File)
कल्याण ज्वेलर्स के बारे में
कल्याण ज्वेलर्स का पहला शोरूम टीएस कल्याणरमन ने साल 1993 में केरल में खोला था. जून- 2020 तक कंपनी के पास भारत में 21 राज्यों और केंद्र साशित प्रदेशों में 107 शोरूम थे. मिडल ईस्ट में कंपनी के 30 शोरूम है. इसके अलावा यह कंपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कैंडेरे (candere) के माध्यम से भी ज्वेलरी बेचती है. ((Photo: Nilotpal Baruah)
सेबी को जमा दस्तावेज में कहा गया कि कंपनी के 31 मार्च 2015 तक 77 शोरूम थे, जो 30 जून 2020 तक बढ़कर 137 शोरूम हो गए. इसके अलावा कंपनी ने आगे और शोरूम खोलने की इच्छा जाहिर की है, क्योंकि मौजूदा बाजार के साथ-साथ नए बाजार में कंपनी को बेहतर अवसर दिख रहे हैं. (Photo: File)