सरकारी क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) की देश के तेल एवं गैस उत्पादन में हिस्सेदारी बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच गई है. एक दशक पहले यह हिस्सेदारी 53 फीसदी थी. एक तरफ जहां ओएनजीसी का उत्पादन का स्तर कायम रहा है, वहीं अन्य परिचालकों के उत्पादन में गिरावट आई है.
दरअसल देश में तेल एवं गैस उत्पादन में कमी आने से आयात पर निर्भरता बढ़ी है. वित्त वर्ष 2010-11 में ओएनजीसी का तेल और तेल समतुल्य गैस का उत्पादन 4.75 करोड़ टन रहा था, जो देश के कुल 8.99 करोड़ टन उत्पादन का 52.8 फीसदी है. (Photo: File)
हालांकि, इस दौरान ओएनजीसी के ज्यादातर क्षेत्रों का उत्पादन चार दशक से अधिक के परिचालन के बाद प्राकृतिक रूप से घटा है, लेकिन पिछले दशक के दौरान कंपनी ने अपने उत्पादन के स्तर को कायम रखा है. 2019-20 में ONGC का उत्पादन 4.45 करोड़ टन रहा था, जो देश के कुल 6.33 करोड़ टन के उत्पादन का 70.3 प्रतिशत बैठता है. (Photo: File)
ओएनजीसी का तेल एवं नैचुरल गैस का उत्पादन 2015-16 में घटकर 4.35 करोड़ टन रहा, जो देश के कुल उत्पादन का 62.9 प्रतिशत था. लेकिन उसके बाद नई खोजों और भारी निवेश की वजह से कंपनी अपने उत्पादन के स्तर को कायम रख पाई है. इससे उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी हुई है. (Photo: File)
ONGC सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे अधिक लाभ अर्जित करने वाली कंपनियों में से एक है. महारत्न ओएनजीसी, भारतीय घरेलू उत्पादन में लगभग 70% का योगदान करने वाली भारत में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सबसे बड़ी कंपनी है. ओएनजीसी ने भारत में 7 तेल और गैस उत्पादनशील बेसिनों में से 6 की खोज की है. ONGC की स्थापना 14 अगस्त 1956 हुई थी और इसका मुख्यालय दिल्ली में है. (Photo: File)
प्राकृतिक गैस की यह सबसे बड़ी कंपनी, वैश्विक ऊर्जा की प्रमुख कंपनियों के बीच 11वें स्थान पर है. यह विश्व में सबसे मूल्यवान और सबसे बड़ी अन्वेषण एवं उत्पादन कंपनी है और सर्वाधिक लाभ अर्जक और लाभांश (डिविडेंट) भुगतान करने वाले उद्यमों में से एक है. (Photo: File)
ONGC की दुनिया के 20 देशों अजरबेजान, बंग्लादेश, ब्राजील, कोलंबिया, इराक, इजरायल, ईरान, कजाकिस्तान, लीबिया, मोजाम्बिक, म्यांमार, नामीबिया, रूस, दक्षिणी सूडान, सूडान, सीरिया, यूनाइटेड अरब अमीरात, वेनेजुएला, वियतनाम और न्यूजीलैंड की 41 परियोजनाओं में सहभागिता है. (Photo: File)