Advertisement

लाइफस्टाइल न्यूज़

Covishield: वैक्सीन की दोनों डोज के बीच गैप बढ़ाना खतरनाक? सरकार ने दी ये सफाई

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2021,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST
  • 1/9

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर एंथॉनी फाउची ने भारत में वैक्सीनेशन डोज के बीच गैप बढ़ाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फाउची का कहना है कि वैक्सीन के बीच गैप बढ़ाने से लोगों में इंफेक्शन फैलने का खतरा बढ़ेगा. फाउची के इस बयान के बाद शुक्रवार को केंद्र सरकार ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.

Photo: Reuters

  • 2/9

अंग्रेजी न्यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में डॉ. फाउची ने कहा था, 'फाइजर जैसी mRNA वैक्सीन की दोनों डोज के बीच 3 हफ्तों का और मॉडर्ना की दोनों डोज के बीच चार हफ्तों का गैप होना जरूरी है. हमने हाल ही में देखा कि ब्रिटेन ने वैक्सीनेशन डोज के बीच गैप बढ़ा दिया है. हालांकि इससे लोगों में संक्रमण का खतरा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ सकता है. लोगों को सही समय पर वैक्सीनेट करना जरूरी है.' हालांकि फाउची ने ये भी माना की सप्लाई की दिक्कत होने पर अक्सर डोज के बीच गैप बढ़ाना जरूरी हो जाता है.

Photo: Reuters

  • 3/9

इसके जवाब में नीति आयोग के मेंबर डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'कोविशील्ड वैक्सीन के दोनों डोज के बीच अचानक गैप बढ़ने से लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. भारतीय परिदृश्य में वैक्सीन डोज के बीच गैप को कम करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों की जरूरत है.' बता दें कि हाल में जारी कई रिपोर्ट्स ने वैक्सीन डोज के बीच गैप कम करने का समर्थन भी किया है.

Photo: Reuters

Advertisement
  • 4/9

डॉ. वीके पॉल ने कहा, 'कोविशील्ड वैक्सीन के डोज में गैप बढ़ने से लोगों को घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है. यह फैसला ध्यानपूर्वक लिया गया है. हमें याद रखना चाहिए कि जब हमने डोज के बीच अंतर बढ़ाया तो हमें उन लोगों का भी ख्याल रखना था जिन्हें केवल एक ही डोज मिल पाई है. ऐसा इसलिए भी किया गया ताकि कई और लोगों को पहली डोज मिल पाए और उनकी इम्यूनिटी एक हद तक बेहतर हो पाए.'

  • 5/9

उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह की चिंताओं को संतुलित करने की जरूरत है. हमें इन सभी बातों को लोगों के बीच ले जाने की जरूरत है. हालांकि इस विषय पर जानकार लोगों को शामिल करते हुए उचित निर्णयों को ही मंच पर लेकर जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे नेशनल इम्यूनाइजेशन टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप (NTAGI) द्वारा लिए गए फैसलों का पालन करें.

Photo: Reuters

  • 6/9

बता दें कि केंद्र सरकार ने 13 मई को ही कोविशील्ड की दोनों डोज के बीच गैप 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करने का फैसला किया था. यानी कोविशील्ड की पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज 12 से 16 सप्ताह के बीच लेने की सिफारिश की गई थी.

Photo: Reuters

Advertisement
  • 7/9

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना था कि ये फैसला बिल्कुल विज्ञान पर आधारित है और इससे लोगों में संक्रमण का अतिरिक्त खतरा नहीं बढ़ेगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने वैक्सीन डोज के बीच दूसरी बार गैप बढ़ाया है. इससे पहले दोनों डोज के बीच गैप 28 दिन से बढ़ाकर 6 से 8 सप्ताह तक करने का निर्देश जारी किया गया था.

Photo: Reuters

  • 8/9

डॉ फाउची ने उस वक्त भारत सरकार के गैप बढ़ाने के फैसले का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था कि अगर वैक्सीन सप्लाई के बीच दिक्कत आ रही है तो वैक्सीन डोज के बीच गैप बढ़ाना एक सही फैसला है. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा सके.

Photo: Reuters

  • 9/9

उन्होंने ये भी कहा था कि दूसरी डोज देरी से लगने पर वैक्सीन की क्षमता प्रभावित होगी, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. इसलिए साइंटिफिक डेटा के आधार पर ही वैक्सीन डोज के बीच अंतर को बढ़ाया जा सकता है.

Photo: Reuters

Advertisement
Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement