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Green Fungus: कोरोना से रिकवर हो रहे मरीजों पर ग्रीन फंगस का खतरा, जानें इसके लक्षण

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 जून 2021,
  • अपडेटेड 6:14 PM IST
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश में कई समस्याएं खड़ी की हैं. इस बीच देश में ब्लैक फंगस, व्हाइट और येलो फंगस जैसे कई फंगल इंफेक्शन के केस सामने आ चुके हैं. लोग अब तक इन फंगल इंफेक्शन से उभर नहीं पाए हैं कि देश में पहली बार ग्रीन फंगस ने भी दस्तक दे दी है.
Photo credit- pixabay

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रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश के इंदौर में एक 34 वर्षिय कोविड- 19 से रिकवर हुए मरीज में ग्रीन फंगस इंफेक्शन का केस सामने आया है. एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि मरीज में ग्रीन फंगस इंफेक्शन का पता लगने के तुरंत बाद उसे इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस द्वारा मुंबई शिफ्ट किया गया है.
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श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SAIMS) के चेस्ट रोग विभाग के प्रमुख डॉ रवि डोसी के मुताबिक, कोविड-19 से ठीक हुए व्यक्ति पर इसका परीक्षण किया गया था कि क्या उसमें ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) के संक्रमण का खतरा हो सकता है. इस परीक्षण के बाद मरीज में ब्लैक फंगस के संक्रमण की बजाय उसके साइनस, फेफड़े और खून में ग्रीन फंगस (एस्परगिलोसिस) का संक्रमण पाया गया.
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डॉ दोसी के अनुसार, कोविड-19 से ठीक हुए मरीजों में ग्रीन फंगस इंफेक्शन की प्रकृति अन्य मरीजों से अलग है या नहीं, इस पर और अधिक शोध की आवश्यकता है.
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रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज को 2 महीने पहले एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और लगभग एक महीने तक आईसीयू में इलाज किया गया. लेकिन, मरीज के ठीक होने के बाद उसकी नाक से खून बहने के साथ तेज बुखार के लक्षण सामने आए. डॉक्टर्स ने बताया कि मरीज का वजन कम होने के कारण वो काफी कमजोर हो गया था.
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डॉक्टर्स के मुताबिक, ये लक्षण ग्रीन फंगस संक्रमण के बताए जा रहे हैं. ग्रीन फंगस को एस्परगिलोसिस के नाम से भी जाना जाता है. ये आमतौर पर पाए जाने वाले फंगस एस्परगिलस की प्रजाति है. ये घर के अंदर और बाहर दोनों स्थान पर पाया जाता है.
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ग्रीन फंगस संक्रमण के सामान्य लक्षणों में नाक से खून बहना और तेज बुखार शामिल हैं. इसके अलावा ये भी संदेह जताया जा रहा है कि बहुत ज्यादा वजन घटना और कमजोरी भी ग्रीन फंगस इंफेक्शन के गंभीर लक्षणों में से एक हो सकते हैं.
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पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ रवि डोसी बताते हैं कि ऊपर बताए गए सभी लक्षण उस मरीज में पाए गए, जिसे इलाज के लिए इंदौर से मुंबई शिफ्ट किया गया था. डॉ दोसी के अनुसार, इस पर और अधिक शोध की आवश्यकता है कि क्या कोविड- 19 से ठीक हुए लोगों में ग्रीन फंगस के संक्रमण की प्रकृति अन्य मरीजों से अलग है.
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बता दें कि मध्य प्रदेश के बाद पंजाब में भी ग्रीन फंगस के एक मामले की पुष्टि हुई है. जिला महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर परमवीर सिंह ने खुद इसकी जानकारी दी है.

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जालंधर के एक अस्पताल में कार्यरत डॉ. परमवीर सिंह ने बताया कि यहां कोविड-19 से रिकवर हो चुके एक शख्स में ग्रीन फंगस की शिकायत देखी गई है.

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