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मिशन मोड में रेलवे, एक साल में मालगाड़ियों की रफ्तार दोगुनी

aajtak.in
  • 29 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 6:21 PM IST
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मिशन मोड पर काम करते हुए भारतीय रेलवे ने कोरोना संकट के बीच पिछले वर्ष की तुलना में माल ढुलाई को आगे बढ़ाते हुए एक उपलब्धि हासिल की है. 27 जुलाई 2020 को माल लदान 3.13 मीट्रिक टन था जो कि पिछले वर्ष इसी तारीख की तुलना में बहुत ज्यादा है. (Photo: File)

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रेलवे का कहना है कि सरकार ने कुछ फैसले लिए, जो लॉकडाउन के दौरान पूरे किए गए हैं. कोरोना संकट के बीच रेलवे ने लगभग 200 आधारभूत संरचनाओं के निर्माण का काम पूरा किया है. अब रेलवे ने माल ढुलाई में भी अपनी स्थिति बेहतर कर ली है. (Photo: File)

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27 जुलाई 2020 को मालगाड़ियों की औसत गति 46.16 किलोमीटर प्रति घंटे मापी गई, जो कि पिछले वर्ष इसी तारीख में 22.52 किमी प्रति घंटा से दुगुनी है. इस साल जुलाई में, मालगाड़ियों की औसत गति 45.03 किमी प्रति घंटा रही है जो कि पिछले वर्ष इस माह की तुलना में लगभग दोगुनी है. पिछले साल जुलाई में मालगाड़ियों की औसत स्पीड 23.22 kmph थी. (Photo: File)

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27 जुलाई, 2020 को कुल माल लदान 3.13 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष इसी तारीख की तुलना में ज्यादा है. 27 जुलाई 2020 को, भारतीय रेलवे की माल ढुलाई से भरे हुए कुल 1039 रेकों में से, खाद्यान्न के 76 रेक, उर्वरक के 67 रेक, इस्पात के 49 रेक, सीमेंट के 113 रेक, लौह अयस्क के 113 रेक और कोयले के 363 रैक शामिल रहे. (Photo: File)

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रेलवे का कहना है कि माल ढुलाई में किए गए सुधारों को संस्थागत रूप दिया जाएगा और आने वाले समय में शून्य आधारित टाइम टेबल में शामिल किया जाएगा. साथ ही सही समय मालगाड़ियों के संचालन पर अब रेलवे का पूरा फोकस है. (Photo: File)

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मालगाड़ियां लेट न हों इसको लेकर रेलवे ने कई उपाय किए हैं. इन उपायों से माल ढुलाई और रेलवे की आय में बढ़ोतरी होगी और पूरे देश के लिए प्रतिस्पर्धी संचालन लागत में बहुत हद तक बढ़ोतरी होगी. गौरतलब है कि रेलवे की माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए कई प्रकार की रियायतें/छूट भी प्रदान की जा रही है. (Photo: File)

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