Advertisement

बिजनेस

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम, इन 20 सेक्टर पर सरकार लगाएगी दांव!

aajtak.in
  • 23 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 10:12 PM IST
  • 1/7

कोरोना संकट और चीन से तनातनी के बीच मोदी सरकार ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम बढ़ा दिया है. भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार इस आपदा को अवसर के तौर पर देख रही है. (Photo: File)

  • 2/7

खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया. साथ ही रिफॉर्म के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं. तमाम मंत्रालय भी उन सेक्टर की पहचान में जुट गया है, जिसमें देश की तस्वीर बदलने की क्षमता है. इसको लेकर सरकार और उद्योग मंडलों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं. (Photo: File)

  • 3/7

निवेश के लिए दरवाजे खोल दिए गए हैं. सिंगल विंडो के जरिये निवेशकों की हर समस्या को सुलझाने का दावा किया जा रहा है. इस कड़ी में अब रेल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोरोना के बाद भारत एक बड़ा निर्यातक के तौर पर बनकर उभरेगा. (Photo: File)

Advertisement
  • 4/7

पीयूष गोयल के फिक्की के कार्यक्रम में कहा कि सरकार ने कुल 20 सेक्टर्स की पहचान की है. जिसमें मैन्युफैक्चरिंग के बल पर भारत दुनियाभर में सप्लाई चेन को विस्तार दे सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले 12 सेक्टर की पहचान की थी और अब उसमें 8 सेक्टर और जोड़े गए हैं. (Photo: File)

  • 5/7

नए 8 सेक्टर में फूड प्रोसेसिंग, आयरन एंड स्टील, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल मशीनरी, फर्नीचर, ऑटो पार्ट्स, चमड़ा और फुटवियर शामिल हैं. इससे पहले 12 सेक्टर की पहचान हुई थी, जिनमें खिलौने, कृषि-रसायन, वस्त्र (मानव निर्मित सूत), एयर कंडीशनर, प्लास्टिक की वस्तुओं, विद्युत मशीनरी, ऑर्गेनिक रसायन, पूंजीगत सामान और दवा शामिल हैं. (Photo: File)

  • 6/7

पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि कोरोना संकट के बाद ग्लोबल सप्लाई चेन में एक व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा. इस बदलाव में भारत की अहम भूमिका होगी. उन्होंने कहा कि जिन सेक्टर्स में भारत अपनी मैन्युफैक्चरिंग ताकत से कब्जा कर सकता है. उसकी लगातार पहचान की जा रही है और उस सेक्टर पर खास ध्यान दिया जा रहा है. (Photo: File)

Advertisement
  • 7/7

गौरतलब है कि भारत की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का करीब 15 फीसदी योगदान है. सरकार जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी को बढ़ाने में जुटी है. (Photo: File)

Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement