प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है. पीएम मोदी ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' पैकेज नाम दिया है. उन्होंने कहा कि इस पैकेज से अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर दौड़ने लगेगी. (Photo: File)
पीएम मोदी ने कहा कि इस पैकेज से देश की तस्वीर बदल जाएगी. कोरोना संकट से उबरने में हर किसी को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के साथ ही हमारे मजदूर भाईयों के लिए भी है. आइए जानते हैं इस पैकेज से जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्स.(Photo: File)
पहला उदाहरण
हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि 20 लाख करोड़ रुपये की गिनती कैसे की जाएगी. इससे देश की तस्वीर कैसे बदलेगी? आइए हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं. सबसे पहले जान लीजिए कि 20 लाख करोड़ यानी 20000000000000, जिसमें कुल 13 जीरो होते हैं. (Photo: File)
20 लाख करोड़ रुपये भारत की जीडीपी का 10 फीसदी हिस्सा है. यानी भारतीय अर्थव्यवस्था 200 लाख करोड़ रुपये की है. भारत ने साल 2020-21 के लिए बजट में करीब 30 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया है. (Photo: File)
दूसरा उदाहरण
भारत की हर चीज में पाकिस्तान से तुलना होती है, अगर पीएम मोदी के द्वारा किए गए पैकेज की तुलना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से करें तो साल 2019 में पाकिस्तान सरकार ने 7022 बिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट पेश किया था, भारतीय रुपया में यह करीब 3.30 लाख करोड़ बैठता है. भारत का राहत पैकेज पाकिस्तान के बजट से 6 गुना ज्यादा है. (Photo: File)
तीसरा उदाहरण
महाराष्ट्र सरकार ने साल 2020-21 के लिए 4.34 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. अगर राहत की पैकेज की तुलना इससे करें तो पाएंगे कि महाराष्ट्र के कुल बजट से 4 गुना से ज्यादा राहत पैकेज की रकम है. (Photo: File)
चौथा उदाहण
भारत का रक्षा बजट 2019-20 में कुल 3,05,296 करोड़ रुपये था. उसकी तुलना में राहत पैकेज की रकम 20 लाख करोड़ रुपये करीब 6 गुणा ज्यादा है. स्वास्थ्य बजट की बात करें तो भारत ने साल 2020-21 के लिए कुल 69 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया है. यानी स्वास्थ्य बजट से करीब 30 गुना राहत पैकेज की रकम है. (Photo: File)
पांचवां उदाहरण
भारत सरकार का साल 2020-21 में शिक्षा पर 99300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान है, जो कि राहत पैकेज की राशि का करीब 20वां हिस्सा है, वहीं वित्त वर्ष 2019-20 में भारत सरकार का कुल खर्च 26.99 लाख करोड़ रुपये रहा था. जो कि राहत पैकेज से करीब 30 फीसदी ज्यादा है. (Photo: File)
गौरतलब है कि मंगलवार की रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है. कोरोना संकट की वजह से सबकुछ बंद है, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पीएम मोदी ने ये ऐलान किया है. पीएम मोदी ने कहा कि थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है. सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए, अब हमें बचना भी है और आगे भी बढ़ना है. (Photo: File)